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इस बार छुट्टियों में बच्चों को नानी के गांव नहीं बल्कि पहाड़ों के जादुई शहर में ले जाएं

Mon, 11 Mar 2019 10:47 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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travel
बच्चों की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं, गर्मी आने वाली है ऐसे में अगर आप वैकेशन का प्लान बना रहे हैं तो हम आपके लिए एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन ढूंढकर लाएं हैं। जहां आप एडवेंचर के साथ-साथ भक्ति का भी आनंद ले सकते हैं। यहां आपको बड़े पहाड़ों के बीच हरियाली, ठंडी हवाएं और सुकून का एहसास होगा। आइए जानते हैं कौन सी है ये जगह।
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bijli mahadev mandir
दरअसल, हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश में मौजूद भुंतार शहर की। जहां हरियाली, वनस्पति और जीव-जंतु देखने को मिलेंगे। भुंतार कुल्लू से दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आइए जानते हैं भुंतार शहर में कौन-कौन से टूरिस्ट स्पॉट मौजूद हैं। 

बिजली महादेव मंदिर
बिजली महादेव मंदिर भुंतार के करीब माथन पर्वत पर लगभग 2000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। यह मंदिर पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर को लेकर एक मान्यता है कि जब भी आप प्रकाश की चमक से गुजरेंगे तो शिवलिंग टुकड़ों में बंट जाता है। यह मंदिर काश शैली में बनाया गया है। 
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basheshwar temple bhuntar
बशेशवर मंदिर
यह मंदिर पत्थर की नक्काशी, समतल शिकारा और चमत्कारिक मूर्तियों के लिए जाना जाता है। यह मंदिर भुंतार हवाई अड्डे से महज चार किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है इसलिए यहां जाना बहुत आसान है। 8वीं शताब्दी में इस भव्य मंदिर का उद्भव हुआ था और यह कुल्लू के सभी मंदिरों में सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है। 

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himalaya national park
हिमालय नेशनल पार्क
कुछ लोग इस पार्क को जवाहरलाल नेहरु ग्रेट इंडियन नेशनल पार्क के नाम से जानते हैं। यह एक बहुत ही बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आपको बर्फ से ढकी चोटियों, फूलों से ढके अल्पाइन घास के मैदानों, भव्य ग्लेशियरों के साथ-साथ शंकुधारी जंगलों को देखने का मौका मिलेगा। यहां आपको भूरे व काले भालू, रीसस मकाक, लंगूर, जंगली भेड़ और साथ ही हिमालयन कस्तूरी मृग भी देखने को मिल जाएगा।
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राफ्टिंग - फोटो : demo
भुंतार में ब्यास नदी भी बहती है। यहां पर पर्यटक व्हाइट वॉटर राफ्टिंग का मजा भी ले सकते हैं। गर्मी के मौसम में शहर के पास कैंपिंद के लिए भी रिलैक्सेशन प्वाइंट बना हुआ है। इसके अलावा भुंतार से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर आदि ब्रह्मा मंदिर खोखन गांव में स्थित है। यह मंदिर एक विशाल लकड़ी का मंदिर है। मंदिर परिसर के बीच में भगवान ब्रह्मा की एक बड़ी सी प्रतिमा मौजूद है। 
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bhuntar
कैसे पहुंचे
भुंतार के पास पठानकोट रेलवे स्टेशन मौजूद है और यह एक जंक्शन है। यह मुंबई, नई दिल्ली, जयपुर, जम्मू, और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा सड़क मार्ग द्वारा भी आप भुंतार पहुंच सकते हैं। भुंतार कुल्लू से 11 किलोमीटर, मनाली से 50 किलोमीटर, रामपुर से 105 किलोमीटर और शिमला से 195 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। 
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