जब भी शांति, सूकून और ऐडवेंचर की बात हो तो हम सभी के मन में बस एक ही ख्याल आता है वह है लद्दाख। चारों तरफ से घिरी वादियों के बीच बसा एक छोटा सा गांव अलची, जो खूबसूरती के साथ-साथ अपने इतिहास को भी समेटे हुआ है। इसमें सदियों पुरानी स्मारक मौजूद है। इन स्मारकों में से अलची मॉनेस्ट्री सबसे पुरानी और अच्छी जगह है। छोटे से गांव में बहुत कुछ समाया हुआ है जो आपके देखने लायक है। आइए जानते हैं और क्या-क्या देखने लायक चीजें मौजूद हैं।
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alchi village ladakh
दुखांग
ये वो जगह है जहां से मंजुश्री मंदिर में प्रवेश किया जाता है और भिक्षु पूजा और अनुष्ठान करते हैं। मंदिर की क्लासिक वास्तुकला मूल लकड़ी के चौखट से बनी है। इसके अलावा सुम्तसेग मॉनेस्ट्री अलची के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। सुम्तसेग मॉनेस्ट्री सिर्फ प्राकृतिक मिट्टी और पत्थर से बनी है। इस मॉनेस्ट्री में हस्त कलाएं और पेंटिंग भी शामिल हैं। इसके अलावा इस मॉनेस्ट्री में बुद्ध के जीवन को दर्शाने वाले टेक्सटाइल प्रिंट मौजूद है।
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मंजुश्री मंदिर
सुम्तसेग और सुमाडा विधानसभा हॉल की तुलना में मंजुश्री मंदिर जिसे जंपे लखांग के नाम से भी जाना जाता है। सुमत्से की तरह यहां भी एक पेंटिंग हैं, लेकिन वह प्राकृतिक नहीं है। इस शानदार मंदिर का दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतरीन अनुभव होता है।
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alchi monestry
कैसे पहुंचे अलची
अलची मॉनेस्ट्री अलची गांव का ही एक हिस्सा है। अलची लेह से 70 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर का एक जिला है। यहां तक पहुंचने के लिए आप लेह से टैक्सी या कोई भी पब्लिक यातायात के जरिए अलची आ सकते हैं।
कब आएं अलची
अलची में मौजूद लोगों को मौसम से संबंधित बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सर्दियों में यहां हड्डियां गला देने वाली ठंड पड़ती हैं। तो वहीं गर्मियों में खुशनुमा माहौल रहता है। यहां पूरे साल बारिश होती है। इसलिए अलची आने का सबसे बढ़िया समय जून और सितंबर के बीच का रहता है।