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यहां बहती है भगवान शिव की पुत्री कही जाने वाली नदी, कुंड के चारों ओर बने हुए अद्भुत मंदिर

Fri, 21 Feb 2020 10:43 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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Sri Yantra Mandir, amarkantak - फोटो : MP Tourism
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक नर्मदा, सोन और जोहिला नदी का उद्गम स्थल है और हिंदुओं के लिए पवित्र जगह है। मैकाल की पहाड़ियों में स्थित अमरकंटक समुद्र तल से 1065 मीटर ऊंचाई पर है, जहां मध्य भारत के विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ियों का मेल होता है। यहीं से नर्मदा नदी पश्चिम की ओर, जबकि सोन नदी पूर्व की ओर बहती है। यहां के खूबसूरत झरने, पवित्र तालाब, ऊंची पहाडि़यों और शांत वातावरण सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यहां और भी बहुत कुछ हैं, जो आपको अमरकंटक जाने को मजबूर करते हैं: 


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amarkantak - फोटो : MP tourism
धार्मिक प्रवृत्ति और प्रकृति से प्रेम करने वाले लोगों के लिए यह अद्भुत जगह हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव की पुत्री नर्मदा यहां जीवनदायिनी नदी के रूप में बहती है। माता नर्मदा को समर्पित यहां अनेक मंदिर बने हुए हैं, जिन्हें दुर्गा की प्रतिमूर्ति माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान शिव और उनकी पुत्री नर्मदा यहां निवास करते थे। 
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Narmada Kund, Amarkantak - फोटो : MP Tourism
नर्मदा नदी के उद्गम स्थल नर्मदाकुंड के चारों ओर अनेक मंदिर बने हुए हैं। इन मंदिरों में नर्मदा और शिव मंदिर, कार्तिकेय मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गुरु गोरखनाथ मंदिर, श्री सूर्यनारायण मंदिर, वंगेश्वर महादेव मंदिर, दुर्गा मंदिर, शिव परिवार, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, श्रीराधा कृष्ण मंदिर आदि प्रमुख हैं।

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DugdhDhara, Amarkantak - फोटो : MP Tourism
धुनी पानी और दूधधारा
अमरकंटक का यह गर्म पानी का झरना है। कहा जाता है कि यह झरना औषधीय गुणों से परिपूर्ण है और इसमें स्नान करने कई रोगों में आराम होता है। दूधधारा झरना भी काफी लोकप्रिय है। ऊंचाई से गिरते इस झरने का जल दूध की तरह दिखता है। 
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Kapil Dhara - फोटो : MP Tourism
सोनमुदा और कपिलधारा
सोन नदी का उदगम स्थल है- सोनमुदा। नर्मदाकुंड से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मैकाल पहाड़ियों के किनारे स्थित सोनमुदा से अमरकंटक की घाटी और जंगल से ढकी पहाडियों को देखा जा सकता है। 100 फीट ऊंची पहाड़ी से एक झरने के रूप में सोन नदी यहां से गिरती है। 100 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला कपिलधारा झरना भी बहुत सुंदर दिखता है। कहा जाता है कि कपिल मुनि यहीं रहते थे। यहां कपिलेश्वर मंदिर भी बना हुआ है और आसपास कई गुफाएं भी हैं। 
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Kabir Kothi, Amarkantak - फोटो : MP Tourism
मां की बगिया और अन्य दर्शनीय स्थल
माता नर्मदा को समर्पित हरी-भरी बगिया के बारे में कहा जाता है कि शिव की पुत्री नर्मदा यहां पुष्प चुनती थीं। यह बगिया नर्मदाकुंड से एक किमी दूरी पर है। कबीरपंथियों के लिए कबीर चबूतरे का बहुत महत्व है। कहा जाता है कि संत कबीर ने कई वर्षों तक इसी चबूतरे पर ध्यान लगाया था। इन स्थलों के अलावा आप यहां सर्वोदय जैन मंदिर, जवालेश्वर महादेव मंदिर, सनसेट प्वाइंट जैसी कई जगहें हैं। 
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