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Famous Gurudwara in Delhi: ये हैं दिल्ली एनसीआर के प्रसिद्ध गुरुद्वारे, बैसाखी पर टेकें मत्था

Sat, 13 Apr 2024 12:56 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप दिल्ली एनसीआर के रहने वाले हैं तो बैसाखी के मौके पर प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेकने जा सकते हैं।
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gurudwara - फोटो : social media
Famous Gurudwara in Delhi NCR : बैसाखी सिख धर्म का प्रमुख पर्व है। इसे सिख धर्म के नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है। वैशाख माह में रबी की फसल की कटाई होती है। किसान अच्छी फसल के लिए ईश्वर का आभार देते हैं और बैसाखी मनाते हैं। इस त्योहार का उत्साह सबसे अधिक हरियाणा, पंजाब और आसपास के राज्यों व शहरों में देखने को मिलता है।

इस बार बैसाखी 13 अप्रैल 2024 को मनाया जा रही है। बैसाखी के मौके पर लोग गुरुद्वारा जाते हैं और पाठ व सेवा की जाती है। कीर्तन व लंगर के आयोजन होते हैं। अगर आप दिल्ली एनसीआर के रहने वाले हैं तो बैसाखी के मौके पर प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेकने जा सकते हैं।
 
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bangla sahib gurudwara - फोटो : istock
गुरुद्वारा बंगला साहिब

बंगला साहिब दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध गुरुद्वारा की लिस्ट से सबसे ऊपर आता है। मान्यता है कि बंगला साहिब गुरुद्वारा जयपुर के महाराज जय सिंह का बंगला हुआ करता था। इस बंगले में आठवें गुरु हर किशन सिंह रहते थे। बाद में इसे गुरुद्वारे में परिवर्तित कर दिया गया। गुरुद्वारा बंगला साहिब पूरे 24 घंटे संचालित होता है और साल भर यहां लंगर चलता है।
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sis ganj gurudwara - फोटो : istock
गुरुद्वारा शीशगंज साहिब

शीशगंज साहिब गुरुद्वारा पुरानी दिल्ली में स्थित है। 1783 में पंजाब छावनी के सैन्य जनरल रहे बघेल सिंह ने इस गुरुद्वारे का निर्माण कराया था। सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर ने जब इस्लाम धर्म कबूलने से इनकार किया था तो मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर उनका कत्ल करा दिया गया। यह गुरुद्वारा गुरु तेज बहादुर की शहादत की याद में बनाया गया था।

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गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर - फोटो : facebook
गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर

दिल्ली के कुतुब मीनार के पास महरौली में बाबा बंदा सिंह बहादुर गुरुद्वारा स्थित है। 1719 में मुगलों ने बाबा बंदा सिंह बहादुर और उनके बेटों सहित 40 अन्य सिखों को बेदर्दी से मार दिया था। उनकी वीरता और शहादत की याद में इस गुरुद्वारे का निर्माण कराया गया। हर साल बैसाखी के दौरान यहां मेला लगता है।
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गुरुद्वारा माता सुंदरी जी - फोटो : Facebook
गुरुद्वारा माता सुंदरी

दिल्ली में गुरुद्वारा माता सुंदरी भी काफी चर्चित है। इस गुरुद्वारे का नाम गुरु गोबिंद सिंह की पत्नी के नाम पर रखा गया है। जब गुरु गोबिंद सिंह का निधन हुआ तो उसके बाद करीब 40 वर्षों तक माता सुंदरी ने सिखों का नेतृत्व किया। इस कारण सिख धर्म अनुयायी उन्हें गुरु मानते थे और उनकी याद में इस स्थल को गुरुद्वारा बनाया गया।
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