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अनंत चतुर्दशी 2026: अनंत चौदस पर दिल्ली के इन मंदिरों में करें दर्शन, यहां मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद

Fri, 25 Sep 2026 10:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी सिर्फ गणेश विसर्जन का दिन नहीं है। यह भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की उपासना, व्रत और अनंत सूत्र धारण करने से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। दिल्ली में रहने वाले श्रद्धालु इस दिन लक्ष्मी नारायण मंदिर, इस्कॉन दिल्ली और अक्षरधाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर सकते हैं। 
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दिल्ली के इन मंदिरों में करें आज पूजा - फोटो : Ai
Famous Temples in Delhi: अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म के प्रमुख व्रत-त्योहारों में से एक है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, भगवान विष्णु को फल-फूल और नैवेद्य अर्पित करते हैं तथा पूजा के बाद 14 गांठों वाला अनंत सूत्र धारण करते हैं। धार्मिक परंपरा में इन गांठों को चौदह लोकों से जोड़कर देखा जाता है। 

साल 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। दिल्ली में रहने वाले श्रद्धालु इस अवसर पर घर में पूजा करने के साथ-साथ प्रमुख मंदिरों में जाकर भगवान के दर्शन और आरती में शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि दिल्ली में भगवान विष्णु और उनके विभिन्न स्वरूपों से जुड़े कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। लक्ष्मी नारायण मंदिर यानी बिरला मंदिर भगवान नारायण की पूजा के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, जबकि इस्कॉन दिल्ली में 25 सितंबर को बाकायदा अनंत चतुर्दशी व्रत का आयोजन दर्ज है। 

अगर आप इस अनंत चतुर्दशी पर दिल्ली में मंदिर दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो इन मंदिरों को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं।


अनंत चतुर्दशी पर मंदिर जाते समय रखें इन बातों का ध्यान
 
  • 14 गांठों वाला अनंत सूत्र पूजा के लिए साथ ले जा सकते हैं।
  • भगवान विष्णु को फल, फूल, तुलसी और नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा है।
  • व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी पारंपरिक पूजा-विधि का पालन करें।
  • मंदिर में भीड़ को देखते हुए सुबह या शाम का समय चुनें।
  • गणेश विसर्जन भी इसी दिन होने के कारण दिल्ली की कई सड़कों पर भीड़ और यातायात प्रभावित हो सकता है।
  • किसी विशेष मंदिर की आरती या अनंत पूजा में शामिल होना हो तो 25 सितंबर की सुबह मंदिर की आधिकारिक सूचना/समय जरूर जांचें।
 
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बिरला मंदिर दिल्ली - फोटो : Instagram
लक्ष्मी नारायण मंदिर यानी बिरला मंदिर

अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा के लिए दिल्ली का लक्ष्मी नारायण मंदिर जा सकते हैं। इसे बिरला मंदिर भी कहा जाता है। आज की पूजा के लिए इस स्थान को सबसे उपयुक्त प्रमुख मंदिरों में शामिल किया जा सकता है। यहां मुख्य रूप से लक्ष्मी और नारायण की आराधना होती है। मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। 

मंदिर का निर्माण 1933 से 1939 के बीच हुआ था और इसका उद्घाटन महात्मा गांधी ने किया था। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यहां सोमवार से शनिवार सुबह 4:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और फिर दोपहर 2:30 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन किए जा सकते हैं। रविवार को दर्शन का समय सुबह 4:30 बजे से रात 9 बजे तक है। 

अनंत चतुर्दशी के दिन जाने से पहले मंदिर के विशेष पर्व कार्यक्रम और आरती का समय जरूर जांच लें।
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Iskcon Temple Delhi - फोटो : Instagram
इस्कॉन मंदिर, ईस्ट ऑफ कैलाश

अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दिल्ली का इस्कॉन मंदिर खास आकर्षण रहेगा। दिल्ली के ईस्ट आफ कैलाश में हरे कृष्ण हिल्स में मंदिर स्थित है। मंदिर में इस दिन भगवान अनंतदेव की आराधना की जाती है और श्रद्धालु व्रत रखते हैं। 

यह मंदिर श्री श्री राधा पार्थसारथी को समर्पित है। यहां भगवान कृष्ण की भक्ति, कीर्तन और वैष्णव परंपरा के बीच अनंत चतुर्दशी का धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव हो सकता है। मंदिर की सामान्य वेबसाइट के अनुसार यह रोजाना सुबह 4:30 बजे से रात 9 बजे तक खुलता है, हालांकि पर्व के दिन कार्यक्रम के अनुसार समय बदल सकता है। 

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अक्षरधाम मंदिर दिल्ली - फोटो : Instagram
स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर

दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर को भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल किया जा सकता है। मंदिर परिसर में स्वामीनारायण के साथ सीता-राम, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी-नारायण और शिव-पार्वती के भी मंदिर हैं। 

अक्षरधाम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मंदिर में दर्शन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक होते हैं और आरती के सामान्य समय सुबह 10:30 बजे तथा शाम 6 बजे हैं। मंगलवार से रविवार तक परिसर खुला रहता है और सोमवार को बंद रहता है। 

अनंत चतुर्दशी के दिन विशेष व्यवस्था या समय में बदलाव संभव है, इसलिए निकलने से पहले आधिकारिक सूचना देखना बेहतर रहेगा।
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इस्काॅन - फोटो : instagram
इस्कॉन दिल्ली के वैष्णव वातावरण में अनंत चतुर्दशी

अगर आपका उद्देश्य सिर्फ सामान्य मंदिर दर्शन नहीं, बल्कि वैष्णव परंपरा के अनुरूप अनंत चतुर्दशी का धार्मिक माहौल अनुभव करना है, तो इस्कॉन दिल्ली विशेष विकल्प है। मंदिर ने अपने 2026 कार्यक्रम में 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी व्रत को स्पष्ट रूप से शामिल किया है। 

यहां भगवान के नाम-स्मरण, भजन और कीर्तन के बीच पर्व मनाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि अनंत चतुर्दशी की पूजा के लिए मंदिर में उपलब्ध विशेष व्यवस्था, व्रत संबंधी नियम और कार्यक्रम का समय पहले जांचना जरूरी है।


दिल्ली के स्थानीय लक्ष्मी-नारायण मंदिर भी हो सकते हैं विकल्प

अनंत चतुर्दशी पर पूजा के लिए जरूरी नहीं कि श्रद्धालु केवल बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों में ही जाएं। भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा घर या नजदीकी विष्णु व लक्ष्मी-नारायण मंदिर में भी की जा सकती है। दिल्ली में पुराने शहर के इलाकों में भी लक्ष्मी नारायण के छोटे और पारंपरिक मंदिर मौजूद हैं। जैसे पुरानी दिल्ली के कूचा पातीराम में एक लक्ष्मी नारायण मंदिर स्थित है।

इसलिए यदि बड़े मंदिरों में भीड़ अधिक हो, तो अपने घर के नजदीक स्थित प्राचीन विष्णु या लक्ष्मी-नारायण मंदिर में शांतिपूर्वक पूजा करना भी एक विकल्प हो सकता है।
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