अकसर खबरों में आता रहता है कि मरीज को गलत खून चढ़ा दिया गया जिससे उसकी हालत सुधरने की बजाय और ज्यादा बिगड़ गई है। खून चढ़ाने की जरूरत बहुत सारी बीमारियों और सर्जरी में पड़ती है। अगर आपके सामने कभी ऐसी परिस्थिति आ जाए कि आपके किसी अपने को ब्लड चढ़वाने की जरूरत हो तो ऐसी स्थिति में आपको कुछ जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं वो बातें...
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blood donation
-ध्यान रखें हमेशा लाइसेंस वाले या प्रमाणित ब्लड बैंक से ही ब्लड लें
-ब्लड को अस्पताल ले जाते समय इस बात की सावधानी हमेशा बरतनी चाहिए कि उसका तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक बना रहे। इसके लिए थर्मोकोल के बॉक्स का इस्तेमाल करें। याद रखें कभी भी ब्लड को बर्फ के साथ न रखें।
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blood donation
-ब्लड लेते समय बैग पर लिखी एक्सपायरी डेट को जरूर चैक करें
-अगर खून चढ़ने में कुछ देरी है तो बैग को अस्पताल के फ्रिज में रखवा दें और जिस समय मरीज को ब्लड चढ़ाया जाए तब एक बार बैग पर लिखे डिटेल्स को चैक कर लें।
-ब्लड वाले बैग को साफ-सुथरे हाथों से ही छुएं
-इस बात पर ध्यान दें कि बैग में किसी तरह का जमाव तो नहीं, क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि प्लाज्मा ऊपर और रेड सेल नीचे जमा हो जाते हैं। ऐसा खून चढ़ाने लायक नहीं होता। यह तापमान में बदलाव के कारण ऐसा हो जाता है।