खाने-पीने का सामान या दवाओं को लेते समय हम उनकी एक्सपायरी डेट देखते हैं और उपयोग करते हैं। दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली ऐसी बहुत सी चीजें हैं, जिनपर एक्सपायरी डेट तो नहीं लिखी होती, लेकिन इन्हें बदलना जरूरी है। अगर लगातार इस्तेमाल करते रहेंगे, तो बीमार हो जाएंगे।
दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तु है टूथब्रश। विशेषज्ञों के अनुसार, टूथब्रश को हर दो महीने के अंतराल पर बदल देना चाहिए। पुराने टूथब्रश सख्त हो जाते हैं, जो मसूड़ों में जख्म कर संक्रमण कर सकते हैं। नहाने के बाद हम जिस तौलिया का इस्तेमाल करते हैं, वह हमें बीमार बना सकता है। देखा जाता है कि जब तक तौलिया फट न जाए, लोग उसे इस्तेमाल करते रहते हैं। शरीर पोंछने के बाद उसे यूं ही छोड़ देते हैं और नियमित धोते भी नहीं हैं। तौलिया में नमी होने के कारण कीटाणु तेजी से पनपते हैं, जो त्वचा के संक्रमण, एग्जिमा, लाल दाने, आंखों में संक्रमण आदि पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, तौलिया को पांच माह से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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kitchen scrubber
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के एक शोध के मुताबिक, जितने कीटाणु हमारे बाथरूम में नहीं होते, उससे ज्यादा कीटाणु हमारी चप्पलों में होते हैं। यह फंगल इन्फेक्शन, त्वचा संबंधी रोग का एक बड़ा कारण भी है। इस्तेमाल के बाद इन्हें जरूर धोना चाहिए और एक जोड़ी चप्पल को छह माह से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
किचन में इस्तेमाल होने वाला लोहे का जूना या स्पंज भी हमें बीमार बनाता है। इनमें फंसे भोजन के अंश सड़ते रहते हैं और उनमें कीटाणु पनपने लगते हैं। ये कीटाणु बर्तनों से हमारे भोजन, फिर शरीर में प्रवेश कर बीमारियां फैलाते हैं। इनसे लीवर संबंधी बीमारी, बदहजमी, पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती हैं। इस्तेमाल करने से पहले इन्हें गर्म पानी से साफ कर लेना चाहिए और एक सप्ताह बाद बदल देना चाहिए।
जूतों की भी एक्सपायरी डेट होती है। सैकड़ों मील चलने के बाद जूते का कोमलता नष्ट हो जाती है, जिससे जोड़ों पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हमें एक साल में जूते बदल लेने चाहिए।
डॉक्टर कहते हैं
रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से इनके अंदर हानिकारक कीटाणु पनपते हैं, जो त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारी, अस्थमा आदि को पैदा कर सकते हैं। इन चीजों को रोजाना साफ करना चाहिए।