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भरता है ऊर्जा
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रेखा आर्य बताती हैं, एक कैंसर विशेषज्ञ होते हुए भी मी टाइम को प्राथमिकता देना मेरे लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। ऑन्कोलॉजी में काम करना भावनात्मक रूप से थकने वाला हो सकता है, इसलिए मी टाइम गतिविधियों को शामिल करना तनाव रोकने और भावनात्मक थकान को कम करने में मदद करता है। इससे मेरे शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित होता है।
वीकेंड के दिन मनपसंद गतिविधियों में शामिल होना, जैसे कि खाना पकाना, सेल्फकेयर, अपनों के साथ समय बिताना, यात्रा करना, दोस्तों के साथ मजेदार बातचीत और ध्यान मुझमें ऊर्जा को भरने का काम करता है। मी टाइम हमें मानसिक पुनर्जीवन और ताजगी प्रदान करता है। मेरे लिए मी टाइम को प्राथमिकता देना मेरे सहयोगियों और रोगियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित करता है और दूसरों को भी खुद को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
स्वयं का आकलन करता है
प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिन्हा का कहना है, हर व्यक्ति का समय बिताने का अपना तरीका होता है। कुछ अपने शौक का आनंद लेते हैं, कुछ आध्यात्मिक दुनिया की सैर पर चले जाते हैं। मेरा मी टाइम खुद के बारे में सोचने, पुराने गाने सुनने, अपने दोस्तों के साथ बात करने में यानी बस मुझे अपनी उम्र के लोगों से बात करने में खुशी मिलती है और इससे मेरे मन को शांति मिल जाती है। ऐसा करने से मुझे तनाव और अवसाद को कम करने में मदद मिलती है। हर किसी को अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ मिनट या घंटे खुद के लिए जरूर निकालने चाहिए। इससे आपके आने वाले दिन और जीवन को सर्वोत्तम तरीके से जीने की योजना बनाने में भी मदद मिलती है। यह स्वयं का आकलन करने, आपका संघर्ष, ताकत और कमजोरी पहचानने में भी मदद करता है।
एक सुंदर सुकून
मनोवैज्ञानिक प्रतिभा सिंह कहती हैं, मी टाइम का अर्थ है कुछ समय खुद के लिए निकालना। दिन भर की आपाधापी में खुद के लिए कुछ समय निकालना आपकी मानसिक सेहत के लिए बूस्टर डोज का काम करता है। यह समय आप अपनी पसंद और सुविधा के हिसाब से बिताएं, जैसे कि नृत्य, संगीत, कला, किताबें पढ़ना या कुछ लिखना यानी जो भी कार्य आपको खुशी देते हो, उनको करें। ऐसा करने से स्वयं को आत्मसंतुष्टि और आनंद की प्राप्ति होती है। मी टाइम अपने जीवन में एक अच्छे बदलाव दे सकता है, जैसे कि तनाव कम करना, मन शांत कर चिड़चिड़ेपन को दूर करना, जिससे कुंठा कम होती है। यह आपके सपनों और लक्ष्य की प्राप्ति में मदद कर सकता है, क्योंकि आप अधिक सकारात्मक और स्वयं में अधिक ऊर्जा महसूस कर पाती हैं।
इससे आप महसूस कर सकती हैं कि आप भावनात्मक रूप से पहले से अधिक मजबूत और संतुलित हैं। इससे आपको रिश्तों से अच्छा फीडबैक मिलेगा और आपके रिश्ते पहले से अधिक बेहतर हो जाएंगे। इससे रिश्तों में सूझ-बूझ, व्यवहार कुशलता और सामंजस्यता पहले से अधिक बढ़ेगी। कम थकान और आपकी बढ़ती कार्यकुशलता, आत्मसंतुष्टि आपको एक सुंदर सुकून देगी, इसलिए अपने जीवन में एक नहीं, प्रतिदिन स्वयं के लिए कुछ समय निकालें और खुद के साथ रोमांटिक डेट का लुफ्त उठाएं।