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Swami Vivekananda Speech: शिकागो की धर्म संसद में दिया था स्वामी विवेकानंद ने ऐतिहासिक भाषण, सुनिए यहां

Wed, 12 Jan 2022 07:25 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 Swami Vivekananda Speech in Hindi: स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण की शुरुआत हिंदी में 'अमेरिका के भाइयों और बहनों' के साथ की। भारत के इतिहास में यह दिन गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर दर्ज हो गया।
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Swami Vivekananda Speech - फोटो : self
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विस्तार
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भारत के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी को कोलकाता में हुआ था। विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। वैसे तो उनका पूरा जीवन ही युवाओं के लिए प्रेरणा है। एक 25 साल का नौजवान सांसारिक मोह माया छोड़ आध्यात्म और हिंदुत्व के प्रचार प्रसार में जुट गया। संन्यासी बन ईश्वर की खोज में निकले विवेकानंद के जीवन में एक दौर ऐसा आया, जब उन्होंने पूरे विश्व को हिंदुत्व और आध्यात्म का ज्ञान दिया। 11 सितंबर 1893 में अमेरिका में धर्म संसद का आयोजन हुआ था। भारत की ओर से स्वामी स्वामी विवेकानंद शिकागो में हो रहे धर्म सम्मेलन में शामिल हुए। यहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत हिंदी में 'अमेरिका के भाइयों और बहनों' के साथ की। उनके भाषण पर आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो पूरे दो मिनट तक तालियों से गूंजता रहा। भारत के इतिहास में यह दिन गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर दर्ज हो गया। चलिए सुनते हैं स्वामी विवेकानंद का वह ऐतिहासिक भाषण, जिसने सबका दिल जीत लिया।

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Swami Vivekananda Speech - फोटो : amar ujala

स्वामी विवेकानंद के भाषण की मुख्य बातें

 
  • अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने अमेरिका के लोगों को हिंदी में संबोधित करते हुए की। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा-'अमेरिका के मेरे भाइयों और बहनों' मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के सताए लोगों को शरण में रखा है।
  • मैं आपको अपने देश की प्राचीन संत परंपरा की तरफ से धन्यवाद देता हूं। मैं आपको सभी धर्मों की जननी की तरफ से भी धन्यवाद देता हूं और सभी जाति, संप्रदाय के लाखों, करोड़ों हिंदुओं की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। मेरा धन्यवाद कुछ उन वक्ताओं को भी जिन्होंने इस मंच से यह कहा कि दुनिया में सहनशीलता का विचार सुदूर पूरब के देशों से फैला है।


 
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