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पार्टनर के साथ कमरा शेयर करने से पहले ये खबर आपके लिए वार्निंग है, क्योंकि आपकी सेहत खतरे में है

Tue, 03 Jul 2018 05:19 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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एक शोध के अनुसार, पढ़ाई या जॉब के समय अगर आप दोस्तों या सहकर्मियों के साथ रूम शेयर करके रहते हैं, तो इसका असर आपकी सेहत और आदत दोनों पर पड़ता है। जॉब, पढ़ाई या आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण घर से दूर रहने के दौरान हम रूम शेयर करने को ज्यादा तवज्जो देते हैं। रूम शेयर करने का लाभ यह होता है कि एक तो हमें किसी का साथ मिल जाता है और आर्थिक दबाव भी कम होता है। विशेषज्ञों की मानें, तो रूम पार्टनर आपकी सेहत और आदत दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। 
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कई शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि यदि आप रूम शेयर करके रहते हैं, तो इसका असर सेहत पर भी पड़ता है। इंग्लैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार, रूम शेयरिंग आपकी दिनचर्या में कई तरह के बदलाव करता है। मसलन सोना, खाना, नहाना, मनोरंजन करना, साफ-सफाई रखना आदि। रूम के अंदर का वातावरण आपके जींस को भी प्रभावित करता है। इससे तनाव, मोटापा, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना, आदि समस्या हो सकती हैं। 
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बढ़ता है तनाव 
देखा जाता है कि रूम शेयरिंग करने वाले लोग तनाव में रहते हैं। तनाव का मुख्य कारण साथी का व्यवहार होता है। देखा जाता है कि आपको नींद आ रही है और आपका रूम पार्टनर तेज आवाज में गाने सुन रहा है। आपको शाकाहारी भोजन पसंद है और रूम पार्टनर मांसाहारी भोजन बनाने के लिए कह रहा है। आप घर के काम करने में परहेज नहीं करते, लेकिन आपका पार्टनर उन्हें करने में दिलचस्पी नहीं दिखाता। आप मजबूरी या जरूरत के कारण उसे कुछ कह नहीं पाते और तनाव में रहने लगते हैं। उसकी आदतों के कारण आपकी आदतों में भी बदलाव आना शुरू हो जाता है। तनाव होने से उच्च रक्तचाप, नींद की कमी, गुस्सा, बेचैनी व मन न लगना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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रूम पार्टनर का व्यवहार, स्वभाव, पसंद-नापसंद, सोच आदि सहित सभी गतिविधियां आपके जींस में परिवर्तन कर आपकी जीवनशैली बदल देती है और आपको बीमार बनाती है। हमें यही लगता है कि इंसान अपने दिमाग और सोच के अनुसार अपने व्यवहार को बदलता रहता है, जो कि गलत है क्योंकि इंसान के अंदर जो भी अच्छाई या बुराई होती है, उसके लिए उसका जींस जिम्मेदार होता है। अगर हम यह सोचते हैं कि हम जो भी निर्णय सोच-समझकर लेते हैं वह पूरी तरह से सही होता है, तो भी आप गलत हैं क्योंकि हमारे द्वारा लिया जाने वाला आखिरी निर्णय हमारे जेनेटिक कोड में लिखा होता है। 2005 में एक शोध में यह बात सामने आई है कि इसके लिए हमारे जींस जिम्मेदार होते हैं। 
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लगती हैं गलत आदतें 
देखा जाता कि रूम शेयर करने वाले लोग बुरी आदतों का शिकार जल्दी हो जाते हैं। मसलन नशा करना, देर तक जागना, समय पर खाना न खाना, गंदगी रखना आदि। इसका सबसे बड़ा कारण आपके रूम पार्टनर का व्यवहार होता है, आप जैसा करते उसे देखते हैं, धीरे-धीरे उसे अपने व्यवहार में शामिल कर लेते हैं। इसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ खानपान और आदतों पर भी पड़ता है, जो आपको बीमार बनाता है। 
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डॉक्टर कहते हैं 
एम्स के मनोचिकित्सक डॉ. हर्षित गर्ग कहते हैं कि जरूरी नहीं है कि आपके रूम पार्टनर से आपको तनाव होता है। यह आपको अकेलेपन से दूर कर खुश भी रखता है, लेकिन कुछ मामलों में देखा जाता है कि रूम पार्टनर की आदतें अगर सही नहीं हैं, तो इससे आपको तनाव हो सकता है। अगर आपके रूम पार्टनर की आदतें गलत हैं, जैसे सिगरेट पीना, शराब पीना, साफ-सफाई न रखना, तो इसका मनौवैज्ञानिक प्रभाव आप पर भी पड़ता है और आपके अंदर भी यह गलत आदतें आ सकती हैं। 
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