फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन 5 बातों से 'मलाला यूसुफजई' बनीं स्टार, हौसला देख हो जाएंगे कायल

Wed, 12 Jul 2017 03:21 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
विज्ञापन
1 of 6
malala
मलाला यूसुफजई की लाइफ बेहद संघर्षपूर्ण रही है। उन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई हैं। मलाला ने बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांति को बढ़ावा देने का जो काम किया उसने उन्हें रूढ़िवादी समाज से उठाकर दुनिया के फलक पर पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं निडर,बहादुर मलाला से लाइफ जीने के 5 रहस्य। 
 
विज्ञापन

2 of 6
malana
भावनाओं को व्यक्त करें
मलाला अपनी भावनाओं को हमेशा लिखकर व्यक्त करती हैं। डायरी लिखने की शौकीन मलाला बचपन में एक बार तालिबान के खिलाफ भी खड़ी हो गई थी। उन्होंने टीवी देखने पर रोक के चलते लिखा था कि वो अपना पसंदीदा भारतीय सीरियल राजा की आएगी बारात नहीं देख पाती थी। मलाला की ही तरह हर व्यक्ति को अपनी भावनाओं को कभी दबाकर नहीं रखना चाहिए। 
विज्ञापन

3 of 6
malala
मोटिवेट
मलाला का जीवन बताता है कि लाइफ को हमेशा मोटिवेट होकर देखना चाहिए। मलाला ने बाल अधिकारों के लिए काफी काम किया है। जिसके लिए उन्हें भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ पुरस्कार भी दिया गया था। इतना ही नहीं मलाला को लड़कियों की शिक्षा की पैरोकारी करने पर पाकिस्तान का पहला नेशनल यूथ पीस प्राइज भी दिया गया। 

4 of 6
malana
बहादुरी के साथ जीवन जीना
मलाला ने अपना पूरा जीवन बिना डरे बेहद बहादुरी के साथ जिया है। अगर कोई व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ना चाहता है तो उसे भी जीवन की कठनाईयों का बहादुरी से ही सामना करना चाहिए।  
विज्ञापन

5 of 6
malala
जमीन से जुड़ी मलाला

इतनी फेमस होने के बाद भी मलाला ने कभी किसी तरह का कोई घंमड नहीं किया। वो पहली की ही तरह आज भी लोगों के वेलफेयर के लिए काम करती रहती है। आपको मलाला के स गुण से यही सिखना चाहिए कि अगर ङम तरक्की के शिखर पर पहुंच गए हैं तो हमें उसका घमंड नहीं करना चाहिए।   
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
malala
लक्ष्य को हासिल करने की ललक

तालिबानियों ने लड़कियों के स्‍कूल बंद कर दिए थे। मलाला ने  अपने ब्लॉग में तालिबान की ज्यादतियों के बारे में जब से लिखा उसी समय से तालिबानी उसे धमकियां देने लगे। मलाला उन पीड़ित लड़कियों में से है जो तालिबान के फरमान के कारण लंबे समय तक स्कूल जाने से वंचित रहीं। बावजूद उसने अपनी पढ़ाई चालू रखी। अगर आप भी कोशिश करेंगे तो आपको भी कोई परेशानी आपका लक्ष्य हासिल करने से नहीं रोक सकती।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें