lala lajpat rai
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असफलता पर:
असफलता और पराजय कभी- कभी विजय की ओर आवश्यक कदम होते हैं। ईश्वर पर बात करते हुए उन्होंने कहा, एक निर्गुण, निराकर, न्यायकर्ता, दयालु और सर्वबुद्धिमान ईश्वर की बात की जाती है, पर आज प्राप्त होनेवाली शिक्षा यह सिखाती है कि स्वर्ण और सम्पदा ही ईश्वर है जिसकी आराधना, उपासना और इच्छा की जानी चाहिए।