जौ से बने मादक ड्रिंक को बियर कहा जाता है। अंगूरों में खमीर उठाकर बनाए गए ड्रिंक को वाइन और डिस्टिल्ड प्रोसेस से बनने वाले ड्रिंक्स को व्हिस्की या फिर भारतीय बोलचाल की भाषा में शराब भी कहा जाता है लेकिन 'एल्कोहॉल' के कई दूसरे प्रकार भी हैं, जो इन ड्रिंक्स को इस तरह से बांटने के बाद भी बचे रह जाते हैं, जैसे सेब और नाशपाती से बनने वाली साइडर या फिर चावल से बनने वाली सेक ड्रिंक। इन ड्रिंक्स की मौजूदगी को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दर्ज किया है।
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जानें भारत में कितनी और किस किस्म की शराब पी जाती है?
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भारत में पी जाने वाली शराब
चारे से बनी बियर को भी 'अन्य' ड्रिंक्स की श्रेणी में रखा जाता है। चारा एक किस्म का अनाज है, जिसकी पैदावार गर्म मौसम में बेहतर ढंग से हो पाती है और इसी वजह से सहारा के आस-पास के अफ्रीकी इलाके में इसका सेवन करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसी तरह हाइब्रिड डिस्टिलेशन से बनने वाली वाइन पोर्ट को भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 'अन्य' ड्रिंक्स की श्रेणी में रखा है।
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ड्रिंक्स कैलकुलेटर के बारे में
इस कैलकुलेटर के जरिए तुलनात्मक नतीजे दिखाए जा रहे हैं, जो दिखाते हैं कि किस देश में किस किस्म की 'एल्कोहॉल' ड्रिंक का चलन सबसे ज्यादा है। इसमें डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों को दिखाया गया है, जिन्हें 15 वर्ष से ज्यादा उम्र के ड्रिंक पीने वाले पुरुषों और महिलाओं के आधार पर जमा किया गया है। डब्ल्यूएचओ ने अपने आंकड़ों में माना है कि बियर की एक छोटी बोतल में 5%, वाइन में आमतौर पर 12% और 'स्पिरिट' में 40% तक 'एल्कोहॉल' होता है।
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एकत्र किए गए डेटा के बारे में
विश्व स्वास्थय संगठन हर साल सभी देशों का डेटा जारी करता है, जिन्हें शराब की औसतन प्रति व्यक्ति खपत के आधार पर संकलित किया जाता है। इन आंकड़ों को ड्रिंक्स की किस्मों के आधार पर बांटा भी जाता है।
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पीने के पैमाने
सिंगल पेग (25एमएल): 1 यूनिट
वाइन का एक गिलास (175एमएल): 2.1 यूनिट
वाइन का बड़ा गिलास (250एमएल): 3 यूनिट
बियर की छोटी बोतल: 2.8 यूनिट
साइडर (8 परसेंट) की छोटी बोतल: 4.5 यूनिट
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क्या हैं शराब पीने के आधिकारिक सुझाव?
ब्रिटेन में जारी आधिकारिक दिशा-निदेशों के मुताबिक, सेहतमंद रहने के लिए और खुद को शराब के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए हफ्ते में 14 यूनिट से ज्यादा नहीं पीनी चाहिए। अगर कोई शख्स इससे ज्यादा शराब पीता है, तो उसे अपनी ड्रिंक्स के बीच तीन दिन या उससे ज्यादा का अंतर रखना चाहिए। लंबे वक्त तक शराब का अधिक सेवन करना कई किस्म की शारीरिक समस्याएं लेकर आता है, जिसमें कैंसर भी शामिल है। एक दिन में 7.5 यूनिट से ज्यादा शराब पीने को विश्व स्वास्थय संगठन, ओवर ड्रिंकिंग मानता है।