Video Games
जब ऐसा हो तो...
वीडियो गेम्स के अंदर कई ऐसी रोमांचक स्टेज होती हैं, जिन्हें पार करना एक चुनौती होती है। अगर वह स्टेज पार नहीं कर पाते, तो उसे पूरा करने की जिद हम पर हावी हो जाती है। जब हम उसे पार कर लेते हैं, तो दिमाग को एक सुकून मिलता है। यह हमारे दिमाग में एक प्रतिक्रिया पैदा करती है। गेम को पूरा करने के बाद ठीक वैसा ही अहसास होता है, जैसा नशा करने के बाद होता है। रोगी जब वीडियो गेम नहीं खेल पाता, तो उसमें चिड़चिड़ापन, चिंतित होना या अधिक दुखी होना, वजन का घटना, नींद में कमी, अकेले रहने का मन करना, थकान रहना, मानसिक कमजोरी, याद्दाश्त कमजोर होना, भूख न लगना जैसे लक्षण सामने आते हैं। अब सवाल यह है कि