ऑफिस या किसी पार्टी में जाने के लिए आप सजते संवरते हैं। अच्छे दिखने पर खुद की तारीफ भी जरूर करते होंगे। किसी जरूरी काम के लिए घर से निकलने से पहले भी एक बार शीशे के सामने कुछ पल के लिए ही सही लेकिन खुद को खड़े होकर एक बार निहारते भी होंगे।यानी दर्पण आपके जीवन का एक अहम हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं चेहरा संवारने वाला दर्पण कई बार आपकी किस्मत भी बिगाड़ सकता है।वास्तु विज्ञान तो यही कहता है।
दर्पण न बना दे आपको बदनसीब, रखें इन बातों का ध्यान
दर्पण
- फोटो : file photo
वास्तु विज्ञान के अनुसार दर्पण सकारात्मक और नकारात्मक उर्जा में फर्क नहीं करता है उसके सामने जैसी उर्जा आती है वह उसे वापस लौटा देता है इसलिए दर्पण को वास्तु विज्ञान में बहुत ही महत्व दिया गया है। वास्तु वैज्ञानिक घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए भी दर्पण का प्रयोग करते हैं। कई वास्तु वैज्ञानिकों की माने तो दर्पण को लेकर की गई गलतियां लोगों के स्वास्थ्य, धन और उन्नति के रास्ते में बाधा भी बन सकती है। यही कारण है कि दर्पण का प्रयोग करते समय बेहद सावधान रहना चाहिए।
दर्पण न बना दे आपको बदनसीब, रखें इन बातों का ध्यान
दर्पण
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शयन कक्ष
वास्तु के अनुसार कभी भी अपने बेडरूम में शीशा नहीं लगाना चाहिए। अगर ऐसा करना कठिन लग रहा हो तो दर्पण को ऐसी जगह लगाएं जहां से सुबह उठते ही आपको आपकी सूरत ना दिखाई दें। यानी दर्पण बिस्तर के सामने नहीं होना चाहिए।
दर्पण न बना दे आपको बदनसीब, रखें इन बातों का ध्यान
दर्पण
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चटका हुआ शीशा
दर्पण का शीशा चटक गया हो तो उसे घर में नहीं रखें। दरार वाले शीशे से लौटने वाली रोशनी घर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है इससे परिवार के सदस्यों के बीच दूरियां बढ़ती हैं। ऐसे दर्पण में चेहरा देखने से स्वास्थ्य की हानि होती है।
दर्पण न बना दे आपको बदनसीब, रखें इन बातों का ध्यान
दर्पण
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उत्तर पूर्व दिशा में शीशा
दर्पण के लिए घर में उत्तर, पूर्व और उत्तर पूर्व दिशा को वास्तु विज्ञान में शुभ माना गया है। ऐसी जगह घर में शीशा लगाने से सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होता है।
गोल दर्पण
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गोल आकृति
गोल आकृति का दर्पण वास्तु विज्ञान के अनुसार अनुकूल नहीं होता है। आयताकार और वर्गाकार दर्पण का प्रयोग वास्तु के हिसाब से अच्छा होता है।
दर्पण
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पश्चिम दिशा में दर्पण
घर के दक्षिण या पश्चिम दिशा में दर्पण का होना कष्टकारी होता है। यही वजह है कि इस दिशा में दर्पण लगाने के लिए मना किया जाता है।
दर्पण
धूल मिट्टी
दर्पण पर धूल मिट्टी नहीं जमने दें। इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आपके घर में बेसमेंट या नैऋत्य कोण यानी दक्षिण पश्चिम में टॉयलेट-बाथरूम है तो पूर्वी दीवार पर एक वर्गाकार दर्पण लगाएं इससे वास्तु दोष दूर होगा।