सोशल मीडिया, कहने को तो कितना छोटा शब्द है लेकिन इस छोटे से शब्द में ही हमारी दुनिया सिमट गई है। किसी ने फोटो पोस्ट की तो आपका मन भी फोन ढूढने लगता है। किसी ने प्रमोशन अपडेट किया तो आप परेशान हो उठते हैं। किसी की फोटो को ज्यादा लाइक मिले तो हम उसकी तुलना खुद से करने लगते हैं। ऐसी कई चीजे हैं जो हम सुबह से शाम तक करते हैं।
विज्ञापन
2 of 7
सोशल नेटवर्किंग का दौर माई स्पेस से शुरू होकर फेसबुक व ट्विटर तक पहुंच चुका है। ग्लोबल वेब इंडेक्स के अनुसार दुनियाभर में 2.307 अरब आबादी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।
पढ़ें- डेनिम बूट्स: फिल्मों में आने से पहले ही सारा अली खान सेट कर रही हैं फैशन ट्रेंड
विज्ञापन
3 of 7
अगर आप तनाव, चिंता और अवसाद से दूर रहना चाहते हैं तो अपने फोन का कम से कम इस्तेमाल करें। हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक फोन पर हमेशा ऑनलाइन रहना आपके लिए हताशा और तनाव का कारण बनता है।
पढ़ें- लव लाइफ से स्ट्रेस मैनेजमेंट तक, बहुत कुछ सिखाती है इरोम शर्मिला की जिंदगी
4 of 7
सोशल मीडिया पर कितने दोस्त हैं आपके। 300, 400, हजार या फिर उससे भी ज्यादा। लेकिन, उनमें से कितनों से आप असल जिंदगी में वाकिफ हैं। कितनों से कभी मिले हैं आप। सोशल मीडिया पर कितने दोस्तो की खुशियों से खुश हुए है आप? यकीन के साथ कहा जा सकता है कि इनकी संख्या आपके करीबी दोस्तों की आधी भी नहीं होगी।
विज्ञापन
5 of 7
ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर 4 से 5 घंटे गुजार देते है। कई बार तो लोग मीटिंग के दौरान भी फोन का इस्तेमाल करना बंद नहीं करते और इसका परिणाम यह होता है कि वो धीरे- धीरे अपनी याद रखने की क्षमता खो देते हैं।
विज्ञापन
6 of 7
लोगों से हर वक्त जुड़े रहने की भावना बताती है कि आप भीतर ही भीतर असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। सोशल मीडिया बुरा नहीं है बशर्तें आप उसका इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें। सोशल साइट्स पर पोस्ट अपडेट्स करने में समय व्यर्थ करने के बजाए अच्छे दोस्तों से मिलें और बात करें। जब भी वक्त मिले, फोन उठाएं और पारिवारिक दोस्तों से बात करें।