निपाह (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वायरस से होने वाली महामारियां
साल 2012 में प्रतिष्ठित अमरीकी विज्ञान पत्रकार डेविड क्वाम्मेन ने अपनी किताब 'स्पिलोवरः एनिमल इंफेक्शन एंड द नेक्स्ट ह्यूमन पैंडेमिक' ने इस बारे में चेतावनी दे दी थी। डेविड क्वाम्मेन ने अपनी किताब में जानवरों से इंसानों तक पहुंचने वाली वायरस जनित महामारियों की लंबी लिस्ट बताई है।
ये महामारियां हैं, मारबर्ग (1967), लास्सा (1969), निपाह (1998), एचआईवी (1981), हेंड्रा (1994), एवियन इंफ्लुएंजा वायरस(1997) और स्वाइन फ्लू वायरस (2009)। साल 2002 में फैली सार्स महामारी की शुरुआत चमगादड़ से हुई थी। चीन के रेस्तराओं में परोसे जाने वाले पॉम किवेट (एक तरह का कस्तूरी बिलाव) के गोश्त में चमगादड़ों से वायरस पहुंचा था।
कोरोना वायरस के बारे में भी ऐसा अंदेशा है कि ये चमगादड़ों से शुरू हुआ लेकिन इंसानों और चमगादड़ों के बीच कौन सा जानवर बिचौलिया बना, इस पर तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिका के मोंटाना से डेविड क्वाम्मेन ने बीबीसी मुंडो को बताया, "इंसान हमेशा से जंगली जानवरों के संपर्क में रहता आया है। इसलिए विषाणुओं का जानवरों से इंसानों तक पहुंचना कोई नई बात नहीं है। 14वीं सदी में फैला बुबोनिक प्लेग जिसे ब्लैक डेथ भी कहते हैं, इसका एक और उदाहरण है कि इंसानों को कितना नुकसान उठाना पड़ा था।"