प्रतीकात्मक तस्वीर
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जिस्मानी रिश्ते केवल मर्द और औरत के बीच नहीं बनते। बल्कि लेस्बियन और गे रिलेशनशिप को भी कई देशों ने मान्यता देनी शुरू कर दी है। ये कोई मानसिक या शारीरिक विकृति भी नहीं है। हालांकि धार्मिक और सामाजिक दोनों ही रूप से इसे अनैतिक व्यवहार माना जाता रहा है। धर्म तो कहता है कि समान लिंग वाले जानवर तक आपस में संबंध नहीं बनाते। क्योंकि वो जानते हैं कि ये अनैतिक है। जबकि साइंस कहती है कि जापानी मकाक, फल मक्खियां, फ्लोर फ्लाइज, अल्बाट्रॉस पक्षी और बोटल नोज डॉल्फिन समेत ऐसी करीब 500 प्रजातियां हैं, जिनके बीच होमोसेक्शुएलिटी होती है। लेकिन हम इन्हें, लेस्बियन, गे या हेट्रोसेक्सुअल जैसे नाम नहीं देते।