हम भारतवासियों के लिए 26 जनवरी 1950 बेहद महत्वपूर्ण दिन है। यही वो दिन था जब पहली बार अपने देश का संविधान लागू हुआ और हम पूर्ण रूप से एक गणतांत्रिक देश के वासी बने।खास बात यह है कि संविधान को अपने अस्तित्व में आने में पूरे 2 साल 11 महिने और 18 दिन का समय लगा। देशभक्तों की याद दिलाने के लिए बॉलीवुड ने भी समय-समय पर देशभक्ति से सराबोर फिल्में बनाकर देशवासियों के हृदय को झकझोरा है। गणतंत्र दिवस के इस खास मौके पर आइए सुनते हैं ऐसे ही कुछ अमर गीत:
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दिल दिया है, जां भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए..
फिल्म : कर्मा
पार्श्वगायक : मोहम्मद अजीज, कविता कृष्णमूर्ति
संगीतकार : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
पर्दे पर: दिलीप कुमार, नूतन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ
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मेरा रंग दे बसंती चोला...
फिल्म : शहीद (1965)
गीतकार : प्रेम धवन
संगीतकार : प्रेम धवन
पार्श्वगायक : मुकेश, महेंद्र कपूर, राजेंद्र भाटिया
पर्दे पर : मनोज कुमार, प्रेम चोपड़ा
जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां...
फिल्म : सिकन्दर-ए-आज़म (1965)
गीतकार : राजेन्द्र कृष्ण
संगीत निर्देशक : हंसराज बहल
पार्श्वगायक : मोहम्मद रफी
फिल्म निर्देशक : केदार कपूर
पर्दे पर : पृथ्वीराज कपूर, प्रेमनाथ, प्रेम चोपड़ा तथा अन्य
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मेरे देश की धरती...
फिल्म : उपकार (1967)
गीतकार : गुलशन बावरा
संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी
पार्श्वगायक : महेन्द्र कपूर
पर्दे पर : मनोज कुमार
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ये देश है वीर जवानों का...
फिल्म: नया दौर
स्वर: मोहम्मद रफी, बलबीर
गीत: साहिर लुधियानवी
संगीत: ओपी नैयर
पर्दे पर' दिलीप कुमार, वैजंती माला, अजीत और अन्य
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तू हिन्दू बनेगा, न मुसलमान बनेगा...
फिल्म : धूल का फूल (1959)
गीतकार : साहिर लुधियानवी
संगीतकार : एन दत्ता
पार्श्वगायक : मोहम्मद रफी
फिल्म निर्देशक : यश चोपड़ा (यह इनकी निर्देशक के रूप में पहली फिल्म थी)
फिल्म निर्माता : बीआर चोपड़ा
पर्दे पर : मनमोहन कृष्ण
ऐ मेरे वतन के लोगों...
यह अमर गीत कवि रामचंद्र द्विवेदी ने लिखा था, और भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए भारतीय वीरों को समर्पित इस गीत को संगीतबद्ध किया था सी रामचंद्र ने... भारतकोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर ने वर्ष 1963 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के रामलीला मैदान में इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में गाया था।