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Republic Day 2020: अपने जज्बे और जुनून से भारत का नाम रौशन करने वाली नारियों की कहानियां

Sun, 26 Jan 2020 09:43 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली,
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महिला सशक्तिकरण - फोटो : अमर उजाला
भारत आज (26 जनवरी ) को अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। पूरे देश में हर्सोल्लास का माौहल है। 26 जनवरी 1950 को ही भारत का संविधान पूरे देश में लागू हुआ था। इस अवसर पर हम आपको भारतीय गणतंत्र में महिला सशक्तिकरण का झंडा लहराने वाली कुछ प्रसिद्ध महिलाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने पिछले एक दशक में अपनी मेहतन और लगन की बदौलत देश के साथ ही अपने परिवार का भी नाम रौशन किया है। इनमें अरुणिमा सिन्हा से लेकर गीता गोपीनाथ और अवनी चतुर्वेदी आदी शामिल हैं। आइए जानते हैं इन जाबांज महिलाओं के बारे में....

 
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अरुणिमा सिन्हा - फोटो : social media
अरुणिमा सिन्हा
अरुणिमा सिन्हा को कौन नहीं जानता। उनके जज्बे और जाबांज इरादों को पूरा देश सलाम करता है। अरुणिमा पहली दिव्यांग महिला हैं जिन्होंने माउंट एवेरस्ट फतह किया। यह साल 2013 की बात है। साल 2011 में अरुणिमा सिन्हा को बदमाशों ने चलती हुई ट्रेन से बाहर फेंक दिया था और वो बाएं पैर से अपंग हो गईं थीं। अरुणिमा सिन्हा ने हार नहीं मानी और इस दर्दनाक घटना के दो साल बाद एवरेस्ट फतह किया। इस घटना में उनके कमर पर भी दर्दनाक चोटें लगी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन को भी फतह किया और दुनिया की पहली दिव्यांग महिला बनीं जिन्होंने अंटार्टिका की सबसे ऊंची चोटी पर भारतीय झंडा फहराया। 

30 साल की अरुणिमा सिन्हा पर्वतारोही और खिलाड़ी हैं। उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। लखनऊ के अंबेडकर नगर में पैदा हुई अरुणिमा के पिता भारतीय सेना में इंजीनियर थे। अरुणिमा को बचपन से ही साइकिलिंग और फुटबॉल खेलना पसंद था और वो वॉलीबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं।
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गीता गोपीनाथन - फोटो : पीटीआई
गीता गोपीनाथन
गीता गोपीनाथन साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पहली भारतीय मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त हुई। हार्वर्ड से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने वाली गीता मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के बाद हार्वर्ड के अर्थशास्त्र विभाग में स्थायी सदस्यता हासिल करने वाली दूसरी भारतीय हैं। साल 2011 में गीता गोपीनाथन को वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम ने यंग ग्लोबल लीडर के खिताब से नवाजा। साल 2014 में आईएमएफ द्वारा जारी दुनिया के 25 शीर्ष के अर्थशास्त्रियों में उनका भी नाम शामिल किया गया। प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजी गई गीता गोपीनाथन 48 साल की हो गई हैं। उनका जन्म 1971 में कोलकाता में हुआ था।
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Avani Chaturvedi
अवनी चतुर्वेदी
27 अक्टूबर 1993 को मध्यप्रदेश के रीवा में पैदा हुईं अवनी चतुर्वेदी भारत की पहली महिला फाइटर पायलट हैं। साल 2016 में अवनी के साथ-साथ मोहना सिंह और भावना कांत को भारतीय वायुसेना में लड़ाकू स्क्वाड्रन चुना गया। एक साल तक तीनों को फाइटर पायलट की ट्रेनिंग दी गई थी। बता दें कि इसके पहले भारतीय वासुसेना में महिलाओं को फाइटर प्लेन चलाने की अनुमति नहीं थी। इस तरह अनुमति मिलने के बाद अवनी देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। साल 2018 में अवनी अकेले MiG-21 लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पालट बनीं। इसके बाद साल 2018 में अवनी की पदोन्नति फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर हुई।
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