वर्क लाइफ बैलेंस
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हर समय प्रोडक्टिविटी के पीछे न भागें
काम के बाद खाली समय को भी किसी काम से भर देना जरूरी नहीं है। अगर पूरा दिन मीटिंग्स और डेडलाइन में गुजरता है, तो शाम का कुछ हिस्सा बिना किसी प्रोडक्टिविटी गोल के भी बिताया जा सकता है। फिल्म देखना, संगीत सुनना, खाना बनाना, पौधों की देखभाल करना या बस आराम करना, जो गतिविधि आपको सहज महसूस कराए, उसे समय दें।
सोने से पहले काम का विचार काम याद आने लगते हैं, तो सोने से पहले एक छोटा ब्रेन डंप कर सकते हैं। अगले दिन के जरूरी टास्क लिखें और फिर खुद को रोकने की कोशिश करें
अगर रात को बिस्तर पर जाते ही अगले दिन की मीटिंग या पेंडिंग काम याद आने लगते हैं, तो सोने से पहले एक छोटा ब्रेन डम्प कर सकते हैं। अगले दिन के जरूरी टास्क लिखें और फिर खुद को याद दिलाएं कि अब उन पर कल काम किया जाएगा।
साथ ही, सोने से ठीक पहले काम से जुड़े ईमेल या ऑफिस चैट देखने की आदत कम करना भी उपयोगी हो सकता है।