lesbian
आखिर इसमें ग़लत क्या है
इस रिश्ते में रहते हुए जो एक बात समझ आई वो ये कि आप ज़िंदगी तो किसी के भी साथ बिता सकते हैं, लेकिन जी उसी के साथ सकते हैं जो आपके साथ तो रहे, लेकिन आप में घुसे नहीं। लोगों को हमारी संतुलित ज़िंदगी बड़ी अजीब लगती है। समझ ही नहीं आता कि दो सहेलियां हैं, अपना खा रही हैं, रह रही हैं। न तो किसी से कुछ मांगती हैं, न कहती हैं, अपने में रहती हैं। इसमें ग़लत क्या है। ये अजीब क्यों है?