Right Age To Teach Kid About Good Touch Bad Touch: अगर आपके घर में भी छोटा बच्चा या बच्ची है तो उसकी सुरक्षा की चिंता आपको भी सताती होगी। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि आपको उसे कब इस अहम चीज की जानकारी देनी है।
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किस उम्र के बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच?
- फोटो : अमर उजाला
Right Age To Teach Kid About Good Touch Bad Touch: बच्चों की सुरक्षा हर माता-पिता की पहली प्राथमिकता होती है। ऐसे में गुड टच और बैड टच के बारे में बच्चों को समय पर जानकारी देना उन्हें सुरक्षित रहने के लिए सशक्त बनाता है। कई माता-पिता सोचते हैं कि कब और कैसे इस विषय को बच्चों के लिए सहज और समझने योग्य तरीके से पेश किया जाए।
पर, अगर सही समय पर और सही भाषा में समझाया जाए, तो बच्चे किसी भी असुरक्षित स्थिति को पहचान सकते हैं और अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित कर सकते हैं। ये जानकारी बच्चों को आत्मविश्वासी बनाती है और उन्हें अनजाने खतरे से बचाती है।
इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि किस उम्र के बच्चों को गुड टच और बैड टच समझाना चाहिए और किन तरीकों से इसे सरल और असरदार बनाया जा सकता है।
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किस उम्र के बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच?
- फोटो : Freepik.com
2 से 4 साल के बच्चे को ये सिखाएं
दो से चार साल के बच्चों को सबसे पहले अपने शरीर के निजी हिस्सों का नाम सिखाना चाहिए। उन्हें यह समझाना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति उन्हें बिना उनकी अनुमति के छू नहीं सकता। यह उम्र बच्चों के लिए सबसे प्रारंभिक सुरक्षा शिक्षा का समय होती है।
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किस उम्र के बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच?
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5 से 7 साल के बच्चों को ये सिखाएं
पांच से सात साल के बच्चों को गुड टच और बैड टच का सरल उदाहरण देकर समझाया जा सकता है। उन्हें यह बताया जाए कि कौन सा टच सुरक्षित है और कौन सा असुरक्षित।
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किस उम्र के बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच?
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8 से 10 साल के बच्चे को ये सिखाएं
आठ से दस साल के बच्चों को सिखाएं कि कोई भी व्यक्ति डराने, धमकाने या चोट पहुंचाने के लिए टच कर सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत अपने माता-पिता या भरोसेमंद वयस्क को बताना चाहिए।
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- फोटो : FreePik
10 साल के ऊपर के बच्चों को ये सिखाएं
दस साल से ऊपर के बच्चों को डिजिटल और सोशल मीडिया पर सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी देना भी जरूरी है। उन्हें ऑनलाइन खतरों और निजी जानकारी साझा न करने की आदत डालें।
किस उम्र के बच्चों को बताएं गुड टच और बैड टच?
- फोटो : AI
ऐसे सिखाएं ये बातें
सिखाने के तरीकों में चित्र और कहानी के माध्यम से शिक्षा देना, खेल और रोल-प्ले के जरिए अभ्यास कराना और हमेशा सकारात्मक व भरोसेमंद माहौल बनाए रखना शामिल है। इसके अलावा यह आवश्यक है कि बच्चों को यह अहसास हो कि अपनी सुरक्षा के लिए “ना” कहना और मदद मांगना पूरी तरह ठीक है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी असुरक्षित स्थिति का सामना कर सकते हैं।