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अरेंज मैरिज: शादी न सिर्फ दो दिलों, बल्कि दो परिवारों का मिलन है

Wed, 17 Jul 2019 08:06 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

हर रिलेशनशिप की अपनी खूबसूरती होती है। फिर चाहे वह लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज। युवाओं में तो आजकल लव और अरेंज मैरिज को लेकर काफी बहस होती है, और कई मतभेद निकल कर सामने आते हैं। अरेंज और लव मैरिज वाले अपने-अपने तर्कों से एक दूसरे को संतुष्ट करने में लगे रहते हैं, लेकिन इस बीच हम इस महत्वपूर्ण बात को भूल जाते हैं कि हर रिलेशन अपने आप में खास होता है। शादी का मतलब ही ये होता है कि आपको एक ऐसा जीवनसाथी मिले, जो ताउम्र आपके साथ रहें, आपके दुख-सुख में सहभागी हो, आपको अपनी पलकों पर बैठाकर रखें, खूब प्यार करे।

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फाइल फोटो - फोटो : गूगल

अरेंज मैरिज को समाजिक तौर पर उपयुक्त समझा जाता है। मां-बाप दुल्हन और दूल्हे के लिए एक समान पालन-पोषण, जीवनशैली, मूल्य, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक परिवेश स्थापित करते हैं। जो कि हर तरह की  समाजिक असमानता की संभावना को दूर करता है। ये ही समानताएं समाज में अरेंज मैरिज की जड़ों को और मजबूत बनाती है।

 

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couple end marriage - फोटो : Social Media

अभिभावकों की प्रतिष्ठा, इज्जत और मान-सम्मान अरेंज मैरिज करने वाले जोड़ों के व्यवहार को योग्य और जिम्मेदार बनाता है। वो अपने शादीशुदा जीवन, आचरण और संबंधों को कभी भी इस तरह नहीं होने देते जिससे उनके परिवार और पारिवारिक संबंधों को ज़ोखिम उठाना पड़े। वो अपने वैवाहिक जीवन और मां-बाप को एक साथ लेकर चलते हैं। अरेंज मैरिज करने वाले जोड़ो के प्रति मां-बाप भी इज्जत और समझदारी रखते हैं।  

 

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Marriage - फोटो : Social Media

भारत जैसे संस्कृति प्रधान देश में शादी न सिर्फ दो दिलों, बल्कि दो परिवारों को परस्पर मिलन है। ये दो परिवार जब शादी के माध्यम से जुड़ते हैं, तो एक दूसरे के हमदर्द, सुख-दुख में समान रूप से भागीदार बनते हैं। अरेंज मैरिज करने वाले जोड़ों को दोनों परिवारों की तरफ से समान प्यार और सपोर्ट मिलता है। परंपरा के मुताबिक हर लड़की को एक दिन अपने मां-बाप का घर छोड़, ससुराल जाना होता है। लड़के के मां-बाप को अपना मां-बाप बनाना होता है। शादी के बाद लड़की को अपने ससुराल पक्ष से अतिरिक्त प्यार और देखभाल की आवश्यकता होती है। इस प्यार के बदौलत ही वो अपने नए घर में सहज महसूस करती है।

 

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सांकेतिक तस्वीर

शादी के लिए समझदारी और सामंजस्य बेहद ज़रूरी होता है। समझदारी और सामंजस्य के ये गुण वैवाहिक जीवन को अंत तक सुखी बनाते हैं, रिश्तों में आने वाली दरारों को पाटते हैं। हर कोई वैवाहिक जोड़ा या पति-पत्नी जानते हैं कि उनके संबंध सीधे तौर पर पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करते हैं। इसलिए अरेंज मैरिज में पति-पत्नी दोनों अपने संबंधों को मज़बूत बनाने की दिशा में एकसाथ प्रयास करते हैं। रिश्ते के संतुलन को बना के चलते हैं।

 

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