हरतालिका तीज का व्रत भारत के उत्तरी क्षेत्र में मनाया जाता है। महिलाओं का यह व्रत बहुत कठिन होता है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं पूरे दिन निर्जल रह कर सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त करती हैं। पुराणों में हरतालिका तीज को लेकर कई कहानियां सुनाई जाती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को सबसे पहले इस व्रत की शुरूआत मां पार्वती जी ने की थी। आज महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी उम्र और कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर को पाने के लिए रखती हैं। आइए इस खास दिन जानते हैं आखिर कौन सी ऐसी वजह थी जिसने खुद मां पार्वती को इस कठिन व्रत को रखने के लिए मजबूर कर दिया था।