प्रतीकात्मक तस्वीर
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लोगों को सलाह
मेरी नई गर्लफ़्रेंड को इसके बारे में पता है। मैंने मज़ाक-मज़ाक में उसे इसके बारे में बताया। वो मेरी बात को समझीं। मुझे लगता है काश मैं उससे पहले मिला होता, तो ज़िंदगी काफ़ी आसान हो गई होती। बहरहाल, मेरे दोस्तों को भी अब इसके बारे में पता है। वो रोबोट-मैन कहकर मुझे चिढ़ाते हैं। वो मुझसे इसके बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानना चाहते हैं।
इस समस्या से जूझ रहे लोगों को मेरी राय है कि आप जल्द से जल्द अपनी लाइफ़ में कोई ऐसा ढूंढ लीजिये, जिससे आप अपनी समस्या के बारे में बात कर सकें। बात करने से ये थोड़ा आराम मिलता है। कोशिश करें कि इसका इलाज़ करवाएं। और हो सके तो कोई ऐसा पार्टनर ढूंढें जो आपके मन की बात को समझे। और वायग्रा या उसके जैसी अन्य दवाओं का खाकर अपना समय और पैसा बर्बाद न करें। इनसे समस्या का हल मुश्किल है।