बॉर्डर्लिन पर्सेनेलिटी डिसऑर्डर
एक साल पहले 26 साल की उम्र में मुझे अपनी बीमारी बॉर्डर्लिन पर्सेनेलिटी डिसऑर्डर (बीपीडी) के बारे में पता चला था। इसे इमोशनल अनस्टेबल पर्सनेलिटी डिसऑर्डर (भावनात्मक रूप से अस्थिर व्यक्तित्व विकार) भी कहते हैं। बीपीडी अक्सर नकारात्मक सोच, आवेगी व्यवहार और दूसरों के साथ भावुक लेकिन अस्थिर संबंधों से जुड़ा होता है। साल 2014 के एक सर्वेक्षण के मुताबिक ब्रिटेन के दो प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं।
बाहर से मैं बहुत शांत लगती हूं लेकिन अंदर से मेरे दिमाग़ के कई हिस्सों में भावनात्मक लड़ाई चल रही होती है। मेरी ज़िंदगी में जो कुछ भी अच्छा या सकारात्मक होता है जैसे एक सही लड़के से मिलना या अपनी मनचाही नौकरी पाना, तो मुझे नकारात्मक ख़याल आने लगते हैं। जैसे कि मैं इस सबके लायक नहीं हूं या ये सब कुछ इतना भी अच्छा नहीं है, अपने आपको के बेवकूफ़ मत बनाओ।जिस साल मुझे बीपीडी का पता चला उसी साल मेरे साथ यौन शोषण भी हुआ। मैं 15 साल की उम्र से ख़ुद को नुक़सान पहुंचाती रही हूं और यौन शोषण के बाद मैं ख़ुद को काटने और जलाने भी लगी। मैंने उन बुरी यादों को भुलाने के लिए कैजुअल सेक्स, बहुत ज़्यादा शराब पीना शुरू कर दिया और किसी पेशेवर की मदद लेने को नकारती रही।