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Shardiya Navratri 2023: हर नारी को अपनाने चाहिए नवदुर्गा के ये गुण, मिलेगा परिवार और समाज में सम्मान

Sat, 14 Oct 2023 03:59 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Navratri 2023 - फोटो : amar ujala
Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि का पर्व भारत में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 15 अक्तूबर को मनाई जाएगी। वहीं 23 अक्तूबर को महानवमी मनाई जाएगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती हैं। मां दुर्गा के नौ स्वरूप उनके नौ गुणों का प्रतीक हैं। धैर्य, सहनशीलता, भक्ति, शक्ति, तपस्या, साहस, धर्म, पवित्रता और सिद्धि के महत्व को समझाने के लिए नवरात्रि का पर्व एक प्रतीक के तौर पर मनाते हैं। इस दौरान व्रत किया जाता है और पूजा अर्चना करते हैं। 

यह पर्व भक्ति, साहित्य, संगीत और कला को दर्शाता है। समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाता है। नवदुर्गा के गुणों को अपनाकर नारी शक्ति की विस्तार किया जा सकता है। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर न स्वरूपों के माध्यम से जीवन को बेहतर और सफल बनाने के लिए नौ गुणों को अपनाएं।
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Shailputri - फोटो : amar ujala
मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को धैर्य का स्वरूप माना जाता है। मां शैलपुत्री से हमें धैर्य और सहनशीलता का गुण अपनाना चाहिए। हमें कभी भी असफलता का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य के साथ सफलता की प्राप्ति का प्रयास किया जा सकता है।
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ब्रह्मचारिणी - फोटो : amar ujala
मां ब्रह्मचारिणी

मां ब्रह्मचारिणी तपस्या का स्वरूप हैं। माता का यह स्वरूप हमें तपस्या और संयम की महत्वपूर्णता की सीख देता है। हर व्यक्ति को अपनी इच्छाशक्ति को नियंत्रित करते हुए निष्कलंक उद्देश्य के लिए कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

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मां चंद्रघंटा - फोटो : amar ujala
माता चंद्रघंटा

नवरात्रि के तीसरे दिन नवदुर्गा के तीसरे स्वरूप माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा भक्ति का स्वरूप हैं। मां का यह स्वरूप भक्ति और सेवा का गुण सिखाता है। हमें दूसरों के साथ सहयोग करने और सेवा करने की भावना विकसित करनी चाहिए।
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मां कुष्मांडा - फोटो : amar ujala
मां कूष्माण्डा

साहस का स्वरूप मां कुष्मांडा भी अच्छे गुणों की सीख देती हैं। मां कूष्माण्डा साहस और उत्साह की महत्वपूर्णता सिखाती हैं। हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए बहादुरी और साहस दिखाने की आवश्यकता होती है।
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मां स्कंदमाता - फोटो : amar ujala
मां स्कंदमाता

मां स्कंदमाता मातृत्व और संतानों के प्रति देखभाल की सीख देती हैं। एक आदर्श नारी में मातृत्व का गुण होना आवश्यक होता है।
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मां कात्यायनी - फोटो : amar ujala
मां कात्यायनी

माता कात्यायनी को धर्म का स्वरूप कहा जाता है। यह स्वरूप हमें धर्म और न्याय के प्रति समर्पण की महत्वपूर्णता सिखाता है। हमें सच्चाई और न्याय के मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

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कालरात्रि - फोटो : amar ujala
मां कालरात्रि

नवदुर्गा का स्वरूप मां कालरात्रि विनाश का स्वरूप है। इस स्वरूप के माध्यम से हमें विनाश की शक्ति और समय के साथ अंत का सामना करने की योग्यता सिखाता है। हमें अनावश्यक और हानिकारक चीजों का त्याग करना चाहिए।

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महागौरी - फोटो : amar ujala
मां महागौरी

पवित्रता का स्वरूप मां महागौरी हमें पवित्रता और शुद्धता की महत्वपूर्णता सिखाता है। हमें अपने जीवन में पवित्रता का पालन करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए।
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नवदुर्गा- सिद्धिदात्रि - फोटो : amar ujala
मां सिद्धिदात्री

नवदुर्गा का नवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री हैं। मां सिद्धिदात्री हमें आत्मसमर्पण और साधना के महत्व की शिक्षा देती हैं। साधना के माध्यम से आत्मा के विकास का प्रयास करना चाहिए।
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