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Reverse Parenting: जब बच्चे संभालने लगें मां-बाप की जिम्मेदारी, जानिए रिवर्स पेरेंटिंग के नुकसान

Mon, 16 Mar 2026 05:51 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

New Parenting Trend 2026: रिवर्स पेरेंटिंग एक उभरता हुआ ट्रेंड है, जो आधुनिक समाज और बदलती पारिवारिक संरचना का परिणाम है। जानिए विदेशों में अभिभावक इस ट्रेंड को तेजी से क्यों अपना रहे हैं।
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रिवर्स पेरेंटिंग क्या है - फोटो : freepik.com

Reverse Parenting Kya Hai? तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और डिजिटल युग में पेरेंटिंग के तरीके भी बदल रहे हैं। इन्हीं में से एक नया ट्रेंड है रिवर्स पेरेंटिंग, जिसे चीन से लेकर अमेरिका जैसे देशों के अभिभावक अपना रहे हैं। रिवर्स पेरेंटिंग शब्द सुनने में भले ही नया लगे, लेकिन इसका असर कई परिवारों में साफ दिखाई दे रहा है। रिवर्स पेरेंटिंग एक उभरता हुआ ट्रेंड है, जो आधुनिक समाज और बदलती पारिवारिक संरचना का परिणाम है। 

आइए समझते हैं कि रिवर्स पेरेंटिंग क्या है? माता पिता पेरेंटिंग के इस नए चलन को क्यों और कैसे अपना रहे हैं? साथ ही जानिए रिवर्स पेरेंटिंग के क्या फायदे और नुकसान होते हैं।

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रिवर्स पेरेंटिंग क्या है? - फोटो : freepik.com

रिवर्स पेरेंटिंग क्या है?


रिवर्स पेरेंटिंग वह स्थिति है जब बच्चा अपने माता-पिता को गाइड करने, समझाने या फैसले लेने में अग्रणी भूमिका निभाने लगता है। यह दो तरह से हो सकता है,
 

  • इमोशनल रोल रिवर्सल - जब बच्चा माता-पिता की भावनात्मक जिम्मेदारी उठाने लगे।
  • डिजिटल या लाइफस्टाइल गाइडेंस – बच्चा टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग जैसी चीजों में माता-पिता को सिखाए।


ध्यान रखें कि हर स्थिति नकारात्मक नहीं होती, लेकिन जब बच्चा समय से पहले माता-पिता की भूमिका निभाने लगे, तो यह मानसिक दबाव पैदा कर सकता है।

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रिवर्स पेरेंटिंग कैसे होती है? - फोटो : iStock

रिवर्स पेरेंटिंग कैसे होती है?

  • बच्चा माता-पिता के झगड़े सुलझाए

  • आर्थिक फैसलों में सलाह दे

  • डिजिटल दुनिया में मार्गदर्शन करे

  • माता-पिता के इमोशनल सपोर्ट सिस्टम की भूमिका निभाए

अगर यह जिम्मेदारी संतुलित हो तो ठीक है, लेकिन जब बच्चा अपने बचपन की कीमत पर यह सब करे, तो समस्या बन जाती है।

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parenting tips - फोटो : freepik.com

रिवर्स पेरेंटिंग के फायदे


जिम्मेदारी की भावना

जब बच्चे बड़ों की भूमिका में आते हैं या जिम्मेदारी निभाते हैं तो बच्चों में जल्दी मैच्योरिटी आती है।


मजबूत भावनात्म बॉन्ड

एक दूसरे की जिम्मेदारी समझने पर माता-पिता और बच्चे के बीच समझ बढ़ सकती है।


डिजिटल गैप कम होना

बच्चे टेक्नोलॉजी सिखाकर परिवार को अपडेट रखते हैं। माता-पिता बच्चों से डिजिटली कनेक्ट कर पाते हैं और दूरी कम कर सकते हैं।

 

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Parenting Tips - फोटो : Adobe stock

रिवर्स पेरेंटिंग के नुकसान


मानसिक दबाव

कम उम्र में ज्यादा जिम्मेदारी तनाव बढ़ा सकती है।


बचपन का खोना

खेलने-कूदने की उम्र में जिम्मेदारियां उठाना भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है।


भूमिका की कंफ्यूजन

जिम्मेदारी और स्थिति में बदलाव से परिवार में अधिकार और जिम्मेदारी की सीमाएं धुंधली हो सकती हैं। 


रिवर्स पेरेंटिंग कितनी सही है?

यह पूरी तरह स्थिति पर निर्भर करता है। संतुलन और संवाद ही इसका समाधान है।

  • अगर बच्चा माता-पिता को टेक्नोलॉजी सिखा रहा है, तो यह सकारात्मक है।

  • लेकिन अगर बच्चा माता-पिता की भावनात्मक समस्याओं का बोझ उठाए, तो यह हानिकारक हो सकता है।

 

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