फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Relationship Tips: तोहफा पाकर भी संतु्ष्ट नहीं होता है आपका साथी, जानिए क्या है वजह

Tue, 08 Apr 2025 10:42 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

तोहफे का नाम सुनते ही हर किसी का चेहरा खिल उठता है। यह केवल एक भेंट नहीं, बल्कि प्यार और स्नेह का प्रतीक होता है, जो लेने वाले और देने वाले, दोनों को संतुष्टि और खुशी देता है। 
 
विज्ञापन
1 of 5
तोहफा क्यों पसंद नहीं आता - फोटो : Adobe stock
वसुंधरा वाथम

सानवी जब ऑफिस से थकी-हारी घर लौटी तो निकेत हाथ में कुछ छिपाए उसका इंतजार कर रहा था। सानवी को याद आया कि उसने रात में निकेत को मोबाइल में डायमंड की एक खूबसूरत-सी रिंग दिखाई थी। वह खुशी से उछल पड़ी। लेकिन जैसे ही निकेत ने हाथ आगे किया, सानवी का चेहरा उतर गया। निकेत के हाथ में रिंग का छोटा-सा बॉक्स न होकर हार का बड़ा का बॉक्स था। निकेत ने खुशी से सानवी के सामने बॉक्स को खोला तो सानवी ने भी तुरंत अपने चेहरे के भाव बदल लिए, ताकि निकेत को बुरा न लगे। डिनर के समय निकेत ने सानवी से कहा, “आखिर तुम्हें तोहफा बहुत पसंद आया न। मुझे तुम्हारे चेहरे से ही पता चल गया था, हमेशा की तरह।”

असल में, सानवी की शादी कुछ ही महीने पहले हुई है। निकेत रोज उसके लिए लाल गुलाब लेकर आता है। कभी-कभी वे दोनों रात को डिनर करने भी बाहर जाते हैं। मगर सानवी को लाल गुलाब नहीं, सफेद फूल पसंद है। उसे रात को डिनर पर जाना भी पसंद नहीं हैं, क्योंकि उसे अगले दिन ऑफिस जाना होता है। उसे सोने का हार भी पसंद नहीं है, क्योंकि हार वह बस खास मौकों पर पहन सकती है, जबकि रिंग को हमेशा पहने रख सकती है। वह हमेशा अपनी निराशा को छिपा लेती है और कोई पहचान भी नहीं पाता।
 
अपनों से अधिक अपेक्षा

अमेरिका की मार्केट एंड रिसर्च कंपनी ‘टॉकर रिसर्च’ द्वारा दो हजार लोगों पर किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, एक व्यक्ति को पिछले तीन वर्षों में कम से कम दो तोहफे मिले, जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं आए। गिफ्ट देखने के बाद अपनी निराशा को छिपाने के लिए ज्यादातर लोगों ने सौहार्दपूर्ण और विनम्रता भरे शब्दों का सहारा लिया, जिनमें सबसे ज्यादा बोले गए वाक्य थे, “मेरे बारे में सोचने के लिए धन्यवाद”, “मुझे यह पसंद है” या “मैं इसे देख बेहद खुश हूं।

सर्वक्षणकर्ताओं के अनुसार, ये वाक्य रिश्तों को सकारात्मक बनाए रखने के लिए प्रमुख रूप से बोले गए थे। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि उपहार के बारे में हमारी भावनाएं किस तरह की होती हैं, इसे आकार देने में अपेक्षाएं बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं और वे देने वाले तथा अवसर के आधार पर बदल भी सकती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपको ऑफिस से कोई साधारण तोहफा, जैसे- कॉफी मग, पैन या ग्रीटिंग कार्ड मिले तो आपको वह अच्छा लगता है, लेकिन जब कोई करीबी आपको जन्मदिन या किसी खास अवसर पर तोहफा देता है तो उम्मीदें अधिक होती हैं। ऐसे में अगर आपको कॉफी मग जैसे तोहफे मिले हैं तो निराशा होती है, क्योंकि इसमें उस गहरे भावनात्मक संबंध का अभाव होता है।
विज्ञापन

2 of 5
बखूबी छिपाते हैं जज्बात - फोटो : Adobe
बखूबी छिपाते हैं जज्बात

इस साल आपको भी नववर्ष, जन्मदिन या महिला दिवस पर तोहफे मिले होंगे, लेकिन उनमें से कितने आपको पसंद आए? एक, दो या कोई भी नहीं? लेकिन सवाल है कि आपने इस निराशा को कैसे और क्यों छिपाया? सर्वे बताता है कि पसंद का तोहफा न मिलने पर निराशा होना स्वाभाविक है, लेकिन अधिकतर लोग अपने रिश्तों को मधुर बनाए रखने के लिए इस निराशा को छिपा जाते हैं और ऊपरी तौर पर खुश होने का दिखावा करते हैं। असल में, जब व्यक्ति अपनी उम्मीदों के विपरीत तोहफा पाता है तो वह निराशा के भाव को छिपाने के लिए मुस्कुराहट या प्रशंसा का सहारा लेता है, ताकि देने वाले का दिल न दुखे। यह एक प्रकार का ‘सोशल डिजायर’ है, जहां आप दूसरे की भावना को नुकसान पहुंचाए बिना अपनी असंतुष्टि को प्रकट करने से बचती हैं। सर्वे के अनुसार, 56 प्रतिशत महिला-पुरुष निराशा को बड़ी कुशलता से छिपा लेते हैं। 57 प्रतिशत का तो कहना है कि वे इस कला में महारत हासिल कर चुके हैं।

पसंद-नापसंद के संकेत

आपको तोहफे मिलते हैं तो आप देती भी तो होंगी। लेकिन उसे वह पसंद आया या नहीं, इस बारे में आप कितना सोचती हैं? अध्ययन बताते हैं कि इसे जानने के भी कई संकेत होते हैं, जो बताते हैं कि तोहफा पसंद आया या नहीं। इसमें प्राप्तकर्ता का आंखें न मिलाना गिफ्ट देख असंतुष्ट होने का सबसे स्पष्ट संकेत होता है, हालांकि इसे कम ही लोग समझ पाते हैं। इसके बाद 20 प्रतिशत लोग नकली मुस्कान देते हैं। 16 प्रतिशत के लहजे में परिवर्तन आता है। वहीं 16 प्रतिशत तोहफे की खासियत गिनवाने का प्रयास करते हैं और ज्यादा से ज्यादा इस बारे में बात करते हैं।

कई मामलों में प्राप्तकर्ता गिफ्ट को खोलने के बाद उसे तुरंत साइड में रख देते हैं, जो कि इस बात का सीधा-सा संकेत होता है कि उसे तोहफा कुछ खास पसंद नहीं आया। वे आपकी खुशी के लिए मुस्कुराते तो हैं, लेकिन उत्साह नहीं दिखा पाते। वहीं अगर वे केवल औपचारिक धन्यवाद देते हैं और अधिक प्रतिक्रिया नहीं दिखाते तो यह सीधा संकेत है कि आपका तोहफा उनकी उम्मीदों से मेल नहीं खाता।
विज्ञापन

3 of 5
गिफ्ट को रैप करना - फोटो : instagram
मुड़ी-तुड़ी, अधूरी पैकिंग

सर्वे में यह बात भी सामने आई कि जो लोग तोहफे की रैपिंग करने में कुशल हैं, उनमें तोहफा की खराब रैपिंग देखकर निराश होने की संभावना अधिक होती है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप तोहफे को बहुत सावधानी से पैक करती हैं, लेकिन जब आपको कोई तोहफा मिले, जिसकी पैकिंग अधूरी, मुड़ी-तुड़ी या पुरानी-सी दिखे तो आपका उत्साह बिल्कुल खत्म हो जाएगा। आप यह देखने की कोशिश भी नहीं करेंगी कि उसके अंदर क्या हो सकता है। ऐसे लोग अपेक्षा रखते हैं कि उन्हें मिलने वाले तोहफे भी खूबसूरत हों। यह एक प्रकार की ‘श्रेष्ठता की अपेक्षा’ है, जहां वे खूबसूरती, सजावट और प्रस्तुतिकरण के मामले में उच्च मानक की उम्मीद करते हैं। यह एक प्रकार से मानसिकता से जुड़ी है। एक अच्छा रैपर रैपिंग को कला के रूप में देखता है और यदि उसे खराब रैपिंग मिलती है तो इसे तोहफा न देने की इच्छा, लापरवाही और अन्य पहलुओं पर आंकता है।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि तोहफा प्राप्त करते समय पहली चीज जो लोग महसूस करते हैं, वह है उपहार का आकार। वहीं आकार से परे 17 प्रतिशत लोग रैपिंग पेपर के रंग और पैटर्न पर गौर करते हैं, जबकि 14 प्रतिशत इस बात पर ध्यान देते हैं कि इसे कितनी सफाई से रैप किया गया है और 11 प्रतिशत देखते हैं कि इसके साथ कोई कार्ड या लेटर है या नहीं। पांच में से चार महिला-पुरुषों का मानना है कि छुट्टियों के दौरान दूसरों को तोहफा देते समय प्रेजेंटेशन मायने रखता है। 68 प्रतिशत महिला-पुरुषों ने कहा कि उन्हें तोहफे लेने की तुलना में देने में अधिक खुशी मिलती है। इसके अलावा 74 प्रतिशत तोहफा को परफेक्ट पैक करके देना पसंद करते हैं। वहीं, 55 प्रतिशत बस तोहफे को महत्व देते हैं, रैपिंग को नहीं।

4 of 5
वह चुनें, जो खुश कर जाए - फोटो : freepik
वह चुनें, जो खुश कर जाए

अब दूसरे आपको क्या तोहफा देंगे और कैसे देंगे, यह तो आप उन्हें नहीं बता सकतीं, लेकिन आप जिसे तोहफा दें और उसे पसंद आए, इसके लिए आप कई बातों का ध्यान जरूर रख सकती हैं। आखिरकार, सोच-समझकर तोहफा देने का मतलब प्राप्तकर्ता से जुड़ना ही तो है। इसलिए आप उसकी रुचियों पर ध्यान देकर और थोड़ा अतिरिक्त प्रयास करके सुनिश्चित करें कि आपका तोहफा उसके चेहरे पर वास्तविक खुशी लाए। आप इस बात पर विचार करने के लिए समय निकालें कि उसे असल में क्या पसंद है। उदाहरण के लिए, अगर उसे बागवानी पसंद है तो बागवानी के औजारों का एक सेट उसके मुख पर खुशी के भाव ला सकता है।

अगर वह फिट रहना पसंद करता है तो आप उसे अच्छी गुणवत्ता की योगा मैट या फिटनेस एप की सदस्यता तोहफे के रूप में दे सकती हैं। इसके साथ कुछ चीजें देने से आप हमेशा परहेज करें, जिनमें कपड़े, परफ्यूम, जूते और पहले से पैक किए गए गिफ्ट सेट शामिल हैं। ऐसा इसलिए कि सबकी व्यक्तिगत पसंद अलग होती है। आपको जो फैशनेबल लगता है, अगर सामने वाले को ठीक से फिट नहीं होता या उसके स्टाइल से मेल नहीं खाता तो उसकी अलमारी में धूल खा सकता है। महिलाओं के कपड़े, खासतौर पर बड़ी चुनौती पेश करते हैं। ब्रांड के बीच साइज में काफी अंतर होता है, जिस कारण तोहफा पसंद आने के बाद भी वह उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसलिए आपको ऐसे तोहफे देने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भावना को समझने की कोशिश करें - फोटो : freepik
भावना को समझने की कोशिश करें

वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. एस. धनंजय कहती हैं, सीखने की क्षमता, गलत-सही निर्णय और आप समाज में खुद को कैसे स्थापित करती हैं, ये सब आपकी बौद्धिक क्षमता यानी आईक्यू पर निर्भर करते हैं। गिफ्ट से होने वाली निराशा भी इसी का परिणाम है। गिफ्ट लेने और देने वाले के बीच में जो संबंध होता है, वह अपेक्षाओं पर निर्भर करता है। हो सकता है, आपको लगे कि उसे हार चाहिए, लेकिन असल में उसे रिंग चाहिए होती है। ये अपेक्षाएं वहीं उत्पन्न होती हैं, जहां गहरी भावनाएं होती हैं। लेकिन अपेक्षाएं आपके साथ ही गिफ्ट देने वाले को भी निराश करती हैं।

याद रखें, गिफ्ट के लिए आप कोई प्रयास नहीं करती हैं, जो आपको निराशा हो। आपको जो मिला, जितना मिला, जिससे मिला है, उसकी भावनाओं को समझकर खुशी-खुशी उसे स्वीकार करें। आपको कभी-भी उपहारों के प्रति अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। आपको खुद को परिपक्व बनाने पर काम करना चाहिए, क्योंकि जब आप परिपक्व हो जाएंगी तो आपकी अपेक्षाएं भी खत्म हो जाएंगी और जब आपकी अपेक्षाएं खत्म हो जाएंगी तो आप तनाव से मुक्ति पा लेंगी। आपको ये छोटी-छोटी चीजें परेशान नहीं करेंगी और आप एक खुशहाल जीवन जी सकेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें