फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dominating Partner Signs: क्या आपका पार्टनर डोमिनेटिंग है? जानिए क्यों और कैसे करता है आपको कंट्रोल

Fri, 12 Dec 2025 01:42 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Relationship Tips: प्यार में परवाह होती है लेकिन फिक्र के नाम पर अपने साथी को काबू करना दमघोंटू हो जाता है। लेकिन लोग अपने पार्टनर को काबू में कैसे और क्यों करना चाहते हैं ये जान लीजिए, ताकि आप अपने रिश्ते को बचा सकें।
विज्ञापन
1 of 5
डोमिनेटिंग पार्नटर कैसे और क्यों आप को कंट्रोल करता है? - फोटो : Adobe Stock
Relationship Tips: रिश्ते का आधार बराबरी है। एक आदर्श रिश्ते में दो लोग साथ चलने का वादा करते हैं, एक दूसरे का सम्मान करते हैं और अपनत्व की भावना रखते हैं। लेकिन जब कोई एक पार्टनर धीरे-धीरे रिश्ते की लगाम कसने लगे, जिससे आपकी आवाज़ दबने लगे और आपकी दुनिया छोटी होने लगे, तो यह प्यार नहीं, नियंत्रण की आदत है। डोमिनेटिंग पार्टनर कई बार प्यार के नाम पर आप पर हावी होना चाहते हैं। ऐसे लोग आपकी परवाह और प्यार करने का दिखावा करते हुए आपका जीवन अपने मनमुताबिक तय करना चाहते हैं। 

फिक्र करना, या सलाह देना सामान्य बात है लेकिन अगर पार्टनर आप को काबू करने की कोशिश करता है तो रिश्ता दमघोंटू हो जाता है। आइए जानते हैं कि प्यार के बड़े बड़े दावे करने वाला पार्टनर आपके जीवन को अपने नियंत्रण में क्यों रखना चाहते हैं। क्यों कुछ लोग रिश्तों में कंट्रोल चाहते हैं और ऐसे डोमिनेटिंग पार्टनर व रिश्ते की पहचान कैसे की जाए। 
 
विज्ञापन

2 of 5
साथी आपको कैसे कंट्रोल करता है? - फोटो : Freepik
10 संकेत जो बताते हैं कि आपका पार्टनर आपको कंट्रोल कर रहा है


हर फैसले में उनकी ही चलती है

आपको क्या पहनना है, किससे मिलना है और कब घर लौटना है, अगर ये फैसले आपका पार्टनर करता है तो यह प्यार नहीं, पावर गेम है। रिश्ते में कभी मेरी मर्जी नहीं, हम दोनों की सहमति होनी चाहिए।


आपकी राय को कम आंकना

डोमिनेटिंग लोग आपकी बात को काटते हैं, उसे हल्का दिखाते हैं या मजाक बना देते हैं। यह माइंड गेम आत्मविश्वास तोड़ता है ताकि आप निर्णय लेने में उन पर निर्भर हो जाएं।

अत्यधिक अधिकारात्मकता (पजेसिवनेस) 

प्यार में पजेसिवनेस होना कुछ हद तक सामान्य है लेकिन जब यह अत्यधिक हो जाए तो रिश्ते में दम घुटने लगता है। बेहद ईर्ष्या, हर चीज में शक, सोशल मीडिया की जासूसी यह पार्टनर की आपके लिए केयर नहीं, निगरानी है। ऐसा पार्टनर धीरे-धीरे आपके दायरे को सिकोड़ देता है।
विज्ञापन

3 of 5
क्या आपका पार्टनर आपको काबू में करना चाहता है? - फोटो : Pexel
भावनात्मक मैनिपुलेशन 

“मेरे लिए ये कर दो, वरना तुम मुझसे प्यार नहीं करते।”, “मैंने सब तुम्हारे लिए किया, तुम क्या करते हो मेरे लिए?” ऐसे वाक्य कंट्रोलर्स का हथियार हैं। डोमिनेटिंग पार्टनर अपनी भावनाओं का इस्तेमाल करके आपको दोषी महसूस कराते हैं या आपसे अपनी मन का काम करवाते हैं। 

आपकी आजादी पर पाबंदियां

दोस्तों से मिलना, परिवार से बात करना, कहीं अकेले जाना अगर ये सब अनुमति पर चल रहा है, तो यह रेड फ्लैग है। प्यार में भरोसा होता है, कैद नहीं। रिश्ते में दोनों बराबर होते हैं, तो एक की अनुमति लेना टाॅक्सिक हो जाता है। 

गुस्से का हथियार बनाना

कुछ लोग गुस्सा दिखाकर अपनी शर्तें मनवाते हैं। वह तोड़े-फोड़ें भले न करें, लेकिन चुप्पी, तनाव और डर का माहौल बनाकर आप पर दबाव बनाते हैं, उनके इस बर्ताव पर आपको तय करना पड़ता है कि झुकना ही आसान है।

4 of 5
रिश्ते में डोमिनेटिंग पार्टनर के संकेत - फोटो : iStock
आपकी उपलब्धियों को स्वीकार न करना

डोमिनेटिंग पार्टनर को आपकी तरक्की पसंद नहीं आती। वे आपकी सफलता का क्रेडिट खुद ले लेते हैं या उसे छोटी बात बना देते हैं क्योंकि कंट्रोल तब टूटता है, जब आप आत्मविश्वासी बनते हैं।

लगातार आपकी आलोचना

आप कैसे दिखते हैं, कैसे चलते हैं, क्या बोलते हैं, जब पार्टनर पर हर बात पर टिप्पणी करता है तो समझ जाइए कि वो आपको काबू में करने के लिए ऐसा कर रहा है। ये छोटी-छोटी चुभने वाली बातें आपके सेल्फ-वैल्यू को कम करती हैं ताकि आप खुद को कम और उन्हें ज्यादा मानें।

आपकी सीमाओं का अनादर

आपकी ना उन्हें स्वीकार्य नहीं होती। डोमिनेटिंग पार्टनर आपकी निजी जगह, मानसिक शांति और व्यक्तिगत निर्णयों में घुसपैठ करते हैं। वह आपकी बाउंड्री को पार करके आपको नीचा दिखाते हैं। 

भलाई के नाम पर त्याग की मांग

“मैं तुम्हारे लिए ये सब करता हूं, तुम भी तो मेरी बात मानो।” ऐसी बातें कर वह आपको रिश्ते के लिए सैक्रिफाइज यानी त्याग करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। त्याग प्यार की खूबसूरती है, लेकिन मजबूरी नहीं। अगर किसी त्याग में सिर्फ एक ही व्यक्ति फायदा उठा रहा है, तो वह रिश्ता नहीं, सौदा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
लोग अपने पार्टनर को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं? - फोटो : Adobe Stock
पार्टनर आपको काबू में क्यों रखना चाहते हैं?
 
  • पार्टनर का डोमिनेटिंग बर्ताव असुरक्षा के कारण पनपता है। कई लोग खोने के डर से दूसरे को कसकर पकड़ते हैं लेकिन इससे प्यार और पार्टनर उनके पास तो भले ही रह लेकिन रिश्ते में उनका दम घुटने लगता है।
  • एक कारण बचपन की सीख भी है। कुछ लोग अपने पार्टनर को प्यार तो करते हैं लेकिन उन्होंने अपने घर में नियंत्रण, डर और आदेश का माहौल ही देखा होता है। उन्हें लगता है कि रिश्ते में ऐसा ही होता है। ऐसे लोग अनजाने में वहीं पैटर्न अपने रिश्तों में उतार देते हैं। 
  •  डोमिनेट करने की प्रवृत्ति पावर और ईगो के कारण भी पनपती है। कुछ लोग रिश्तों को साझेदारी नहीं, अधिकार मानते हैं। उनकी सोच होती है कि मैं बेहतर जानता या जानती हूं। तुम्हें मेरी ही राह पर चलना होगा।
  • भरोसे की कमी के कारण भी पार्टनर काबू करना चाहते हैं। कंट्रोलिंग पार्टनर अक्सर आत्मविश्वास की कमी से जूझते हैं। उनकी सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि वे खुद पर भरोसा नहीं कर पाते, इसलिए दूसरों पर शक बन जाता है।
  • रिश्ते को स्टेटस समझने वाले कंट्रोल रखना चाहते हैं। ऐसे पार्टनर रिश्ते को एक ‘विजय’ की तरह देखते हैं, जहां वे खुद को ऊपर रखना चाहते हैं। बराबरी का विचार उन्हें असहज करता है।

पार्टनर डोमिनेटिंग हो तो क्या करें?
 
  • सबसे पहले तो किसी के साथ भी रिश्ते में जाएं लेकिन आपकी और उनकी सीमाएं तय होनी चाहिए। बाउंड्री को पार करने की इजाजत किसी को न दें।
  • अगर आपका पार्टनर आपको कंट्रोल करता है, तो खुलकर उनसे बात करें और उन्हें बताएं कि आपको ये रवैया पसंद नहीं है।
  • खुद में आत्मविश्वास लाएं। अगर आपका आत्मविश्वास कम होगा तो पार्टनर आपको काबू करने में सफल हो जाएगा। उनसे बार-बार माफी मांगने की आदत को छोड़ दें। 
  • रिश्ता अगर दमघोंटू स्थिति में पहुंच गया है तो जरूरत पड़ने पर काउंसर से मिलें। पार्टनर को भी मदद दिलाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें