मिलकर लें जिम्मेदारियां
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तू मत जा, मैं कर देता हूँ
बाजार से कोई सामान लाना हो, छोटे भाई-बहन की स्टेशनरी लेने जाना हो, उनकी साइकिल का पंक्चर ठीक करवाना हो, उनकी गाड़ी में पेट्रोल भरवाना हो या बाहर का कोई भी काम हो, हर बार यह कहकर छोटे भाई/बहन को रोक देना कि तुम रुको, मैं कर देता हूँ/देती हूँ, गलत है । ऐसा करते रहने से वे कुछ भी खुद से करना सीख ही नहीं पाएंगे। और जब वे आगे पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर जायेंगे तब उन्हें किसी भी चीज की जानकारी ही नहीं होगी और छोटे छोटे काम भी उन्हें पहाड़ जैसे लगने लगेंगे। इसलिए चाहे आप कोई बिल भर रहे हों, गाड़ी की सर्विसिंग करवा रहे हों या ऐसे अन्य कोई भी काम हों, अपने छोटे भाई-बहन को भी इसके बारे में जानकारी दें और उन्हें इससे जोड़ें। जब वे इस लायक हो जाएँ कि अकेले ये काम कर सकें तो उन्हें थोड़ा थोड़ा करके काम की जिम्मेदारी भी दें।