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खुशहाल जिंदगी के लिए बढ़ रहा है शादी से पहले कपल काउंसिलिंग का चलन, क्या हैं इसके फायदे?

Sat, 29 Feb 2020 09:51 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
शादी जीवन का एक अहम फैसला होता है। हर लड़का चाहता है कि उसे पत्नी के रूप में बेहतर जीवनसाथी मिले, जो उसकी और उसके घर की जिम्मेदारी संभाल सके। वहीं हर लड़की चाहती है कि उसे ऐसा पति मिले, जो उसे बेहद प्यार करे और उसका हर तरह से ख्याल रख सके। आजकल शादी का सक्सेस रेट कम हुआ है यानी कि कई बार साझा समझ(म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग) नहीं होने की वजह शादी के अगले दिन से ही रिश्ते में कड़वाहट आने लगती है। ऐसे में जरूरत महसूस होती है कपल काउंसिलिंग की:
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relationship - फोटो : pixa
दरअसल, शादी जैसे रिश्ते में कई बार दिक्कत यह होती है कि पति और पत्नी, दोनों ही अपनी-अपनी जगह पर सही होते हैं। बस वे एक-दूसरे का नजरिया नहीं समझ पाते  हैं। ऐसे में तालमेल नहीं बैठ पाता और रिश्ते में खींचातानी शुरू हो जाती है। दोनों को समझ ही नहीं आता कि आखिरकार उनके रिश्ते में खिंचाव की समस्या कहां पर है और उसे कैसे दूर किया जाए। 
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relationship - फोटो : pixa
आज के समय में तलाक के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसलिए रिश्ते में ठहराव बना रहे और रिश्ता आजीवन निभाया जा सके, इसके लिए ज्यादा समझदारी भरे कदमों की जरूरत होती है और ऐसा ही एक कदम है- कपल काउंसिलिंग। अक्सर देखा जाता है कि पति-पत्नी में अनबन शुरू होने के बाद वे काउंसिलिंग का रुख करते हैं। लेकिन शादी से पहले काउंसिलिंग करना आपके रिश्ते के लिए कहीं ज्यादा अच्छा है।

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relationship - फोटो : pixa
तलाक के कई मामलों में आपने देखा, सुना या पढ़ा भी होगा कि कोर्ट में कड़े निर्णय से पहले पति-पत्नी को काउंसिलिंग की सलाह दी जाती है। शादी के बाद इस तरह की स्थितियां न बनें, इसके लिए शादी से पहले ही काउंसिलिंग करनी चाहिए। आमतौर पर देखा जाता है कि कपल के बीच बेहतर कम्युनिकेशन नहीं होने के कारण उनके बीच गलतफहमियां पैदा होती है।
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relationship - फोटो : pixa
शादी से पहले काउंसिलिंग पति-पत्नी को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझकर बातचीत के पुल को मजबूत बनाता है। ऐसे में शादी के बाद भी दोनों ही पार्टनर अपने जीवनसाथी के सामने आसानी से अपनी बात रख पाते हैं।
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relationship - फोटो : Pixabay
आमतौर पर व्यक्ति का व्यवहार उसके अतीत के अनुभवों से जुड़ा होता है। जैसे कि किसी के माता-पिता का वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहा हो या फिर उसकी खुद की लव लाइफ असफल रही हो। शादी से पहले काउंसिलिंग की जाए तो व्यक्ति को उसके अतीत से बाहर निकलने में मदद मिलती है और उसके नए जीवन की शुरुआत पॉजिटिविटी के साथ होती है।
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Valentine Day - फोटो : Pixa
शादी के बाद रिश्ते में परेशानी की एक मुख्य वजह यह होती है हमारा आभासी जीवन भी होता है। हम महत्वाकांक्षी होने लगते हैं और इसी बारे में सोचने लगते हैं। जीवन में होने वाले समझौते और आने वाली परेशानियों की तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता, इसलिए दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। शादी से पहले कपल काउंसिलिंग आपको जीवन की सच्चाइयों और आने वाली चुनौतियों से रूबरू करवाता है और आप अपने सपनों से इतर सच्चाई को स्वीकार करना सीखते हैं। यह सीख आपके शादीशुदा जीवन में बहुत काम आती है। 
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