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Personality Check Tips: हर बात मनवाना आपकी आदत है? पर्सनैलिटी के ये पांच खतरनाक संकेत करते हैं रिश्ता बर्बाद

Mon, 23 Jun 2025 10:49 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Personality Check Tips: यहां कुछ आसान से टिप्स दिए गए हैं जिससे आप खुद में डोमिनेट करने की आदत है या नहीं, इसकी पहचान कर सकते हैं और समय रहते सुधार सकते हैं
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क्या आप डोमिनेटिंग हैं? - फोटो : Adobe Stock
Dominating Personality Signs: क्या आपको हर बार अपनी बात मनवाने की आदत है? क्या बहस में आप सामने वाले की बात सुने बिना ही फैसला सुना देते हैं?

अगर ऐसा है तो हो सकता है कि आप अनजाने में डोमिनेटिंग पर्सनैलिटी का हिस्सा बन चुके हों और ये रिश्तों में धीरे-धीरे दूरी ला सकता है। हर परिस्थिति में नेतृत्व लेना जरूरी हो सकता है लेकिन जब ये इगो और कंट्रोल में बदल जाए तब यह रिश्तों और आपकी खुद की पर्सनैलिटी को नुकसान पहुंचाता है। रिलेशनशिप में कंट्रोल नहीं, कनेक्शन जरूरी है। इसलिए अपने व्यक्तित्व को पहचानें। यहां कुछ आसान से टिप्स दिए गए हैं जिससे आप खुद में डोमिनेट करने की आदत है या नहीं, इसकी पहचान कर सकते हैं और समय रहते सुधार सकते हैं।
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बीच में बात काटना - फोटो : Freepik
बीच में बात काटना

अगर आप बातचीत के बीच में बार-बार किसी की बात काटते हैं या हमेशा अपनी राय पहले रख देते हैं तो यह डोमिनेटिंग बिहेवियर है। इस तरह का बर्ताव दूसरे को पसंद नहीं आता है और वह आपसे बातचीत करने से बचते हैं। ऐसी स्थिति में दूसरों की बात पूरी होने दें और फिर उत्तर दें।
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सारे फैसले आप ही लेते हैं - फोटो : Adobe stock
हर फैसला आप ही लेते हैं?

दोस्ती, रिश्ते या दफ्तर में आप ही हर बार "क्या करना है" तय करते हैं तो यह संकेत है कि आप सामने वाले की सोच को जगह नहीं दे रहे। दूसरों के लिए भी सारे आप ही लेते हैं तो इस आदत को आज ही सुधार लें। जिस बात में दूसरे भी शामिल हों, वहां फैसला लेने से पहले बाकियों से सुझाव जरूर पूछें।

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हमेशा बहस में जीतने का प्रयास - फोटो : Freepik
बहस में हारना गवारा नहीं?

 किसी वार्ता के दौरान आप हमेशा बहस की स्थिति में जीतने की कोशिश करते हैं या वाद-विवाद में जीतने के बाद घुमा-फिराकर अपनी ही बात को आगे रखते हैं तो यह भी डोमिनेशन का संकेत है। ध्यान रखें कि तर्क में जीत नहीं, समझदारी जरूरी है। हर बार बहस जीतने की कोशिश न करें, दूसरों की बात को समझें भी।
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दूसरे को बदलने की कोशिश - फोटो : Freepik
आप चाहते हैं सब आपकी तरह सोचें?

जो लोग दूसरों को बदलने की कोशिश करते हैं या चाहते हैं कि उनकी राय को ही अंतिम माना जाए वो डोमिनेटिंग होते हैं। दूसरों को अपने मन के मुताबिक बदलने की बजाए उनके विचार, जीवनशैली और व्यवहार को अपनाएं। अगर इससे आपके बीच मतभेद होता है तो भी इसे स्वीकार करें, ना कि उन्हें बदलने के प्रयास में उनका व्यक्तित्व खत्म कर दें। 
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दूसरों के इमोशंस को नजरअंदाज करना - फोटो : Adobe stock
आप दूसरों के इमोशंस को नजरअंदाज करते हैं?

कभी आपने सोचा कि आपकी बातें सामने वाले को हर्ट कर सकती हैं? अगर नहीं, तो यही सबसे बड़ा अलार्म है। आपका व्यवहार, बातें या आदतें अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं और इस बात को आप अनदेखा कर देते हैं तो ये आपके डोमिनेटिंग बर्ताव का संकेत है। दूसरों को सुनना, उनकी भावनाओं की कद्र करना सीखें।  
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