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Parenting Tips: पेरेंट्स का स्क्रीन एडिक्शन बच्चों को कर रहा है गुमराह, एडल्ट कंटेंट के हो सकते हैं आदी

Wed, 19 Mar 2025 12:42 PM IST
दीक्षा पाठक लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Digital Addiction In Children: जब माता-पिता खुद स्क्रीन में डूबे रहते हैं, तो इसका असर बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गहरा पड़ता है। चलिए समझते हैं कि कैसे पेरेंट्स का स्क्रीन एडिक्शन बच्चों को गलत रास्तों की ओर ले जा सकता है और इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है:
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माता-पिता की स्क्रीन की दीवानगी बच्चों के लिए खतरे की घंटी - फोटो : freepik.com

आज के डिजिटल युग में स्क्रीन का जादू हर किसी पर हावी है और पेरेंट्स भी इससे अछूते नहीं हैं। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की लत सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बल्कि बच्चों के मासूम बचपन को भी निगल रही है। जब माता-पिता खुद स्क्रीन में डूबे रहते हैं, तो इसका असर बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गहरा पड़ता है। चलिए समझते हैं कि कैसे पेरेंट्स का स्क्रीन एडिक्शन बच्चों को गलत रास्तों की ओर ले जा सकता है और इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है:

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माता-पिता की स्क्रीन की दीवानगी बच्चों के लिए खतरे की घंटी - फोटो : freepik.com

कैसे पेरेंट्स का स्क्रीन एडिक्शन बच्चों को खतरे में डाल रहा है?

 1. बच्चों पर ध्यान की कमी

जब पेरेंट्स मोबाइल या लैपटॉप में व्यस्त होते हैं, तो बच्चे प्यार और अटेंशन की कमी महसूस करते हैं। उन्हें जब माता-पिता से वो जुड़ाव नहीं मिलता जिसकी उन्हें जरूरत होती है, तो वे इसे इंटरनेट या अन्य माध्यमों से पूरा करने की कोशिश करने लगते हैं। इससे वे गलत कंटेंट या अनुचित संगति की ओर मुड़ सकते हैं।

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माता-पिता की स्क्रीन की दीवानगी बच्चों के लिए खतरे की घंटी - फोटो : freepik.com

2. इंटरनेट का अनफिल्टर्ड एक्सेस

बच्चे टेक्नोलॉजी में होशियार होते हैं। जब पेरेंट्स उनकी गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते, तो बच्चे इंटरनेट पर बिना रोक-टोक के एडल्ट साइट्स, हिंसक वीडियो या गलत मैसेजिंग की चपेट में आ सकते हैं। कम उम्र में ही अनुचित कंटेंट देखने से उनके मानसिक विकास पर गहरा असर पड़ सकता है।

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माता-पिता की स्क्रीन की दीवानगी बच्चों के लिए खतरे की घंटी - फोटो : Adobe

3. कॉपी करने की प्रवृत्ति
बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने आस-पास देखते हैं। अगर माता-पिता हर समय फोन में लगे रहते हैं, तो बच्चे भी इस आदत को अपनाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत स्क्रीन एडिक्शन में बदल जाती है, जिससे उनका पढ़ाई, खेल और सोशल स्किल्स पर नकारात्मक असर पड़ता है।

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माता-पिता की स्क्रीन की दीवानगी बच्चों के लिए खतरे की घंटी - फोटो : freepik.com

4. एजुकेशन और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
स्क्रीन एडिक्शन से बच्चों की एकाग्रता (कंसंट्रेशन) पर असर पड़ता है। वे पढ़ाई से दूर होते जाते हैं और उनका परफॉर्मेंस गिरने लगता है। लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से उनका दिमाग थक जाता है और वे चिड़चिड़े हो सकते हैं। इसके चलते उनमें डिप्रेशन और चिंता जैसी मानसिक समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं।

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