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Parenting Tips: पढ़ाई के लिए बच्चा विदेश जाना चाहता है? मां के लिए ये फैसले सबसे अहम

Fri, 19 Dec 2025 04:27 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बच्चा आगे की पढ़ाई विदेश में करना चाहता है तो आपको उसे रोकना नहीं, बल्कि मार्गदर्शन करना होगा। बच्चे को सही दिशा, सुरक्षा एवं अकेले जीवन जीने के तरीके सिखाने होंगे।
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बच्चा विदेश में पढ़ने की बात कहे तो मां को क्या करना चाहिए - फोटो : Adobe stock
सोनम लववंशी

जब बच्चा स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद आपके आगे अपने मन की इच्छा जाहिर करे और कहे, “मम्मी, मैं विदेश में पढ़ना चाहता हूं”, तो आपका भी दिल दो हिस्सों में बंट जाता है न? एक तरफ गर्व और हां कह देने की भावना, दूसरी तरफ चिंता और अकेलेपन का डर। यही वह घुमावदार रास्ता है, जहां मां होने के नाते आपको धैर्य, अनुभव और अपनी समझ से बच्चे के सपनों को केवल पूरा नहीं करना, बल्कि उसे सुरक्षित, सार्थक और उड़ान भरने योग्य भी बनाना है।

क्यों जाना है?

जब बच्चा विदेश में पढ़ने की इच्छा जताता है तो हर मां का पहला सवाल होना चाहिए, “तुम क्यों जाना चाहते हो?” यह शक नहीं, बल्कि दिशा तय करने का तरीका है। इस स्थिति में मां को बच्चे के शब्दों के पीछे छिपे सही कारणों को समझना होता है, जैसे कि बेहतर शिक्षा, किसी विषय को पढ़ने का जुनून, दुनिया देखने की चाह या दोस्तों की प्रेरणा। अक्सर बच्चे के हाव-भाव सब बता देते हैं, जिन्हें आपको भांपना है। इसलिए सबसे पहले कारण को जानें और फिर आगे बढ़ें।
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जानकारी इकट्ठा करें - फोटो : Amar Ujala
जानकारी इकट्ठा करें

अगर आपका बच्चा विदेश में पढ़ाई को लेकर गंभीर है तो उसकी मदद करें। कोर्स के अनुसार उस देश का बेहतर विश्वविद्यालय चुनें, फीस, स्कॉलरशिप और रहने-खाने की व्यवस्था देखें। साथ मिलकर योजनाएं बनाएं और रिसर्च करें। अगर उसके पास पहले से योजना है तो उसे ध्यान से देखें और आवश्यक सुझाव जोड़ें। आपकी मदद उसे व्यवस्थित योजना बनाने में मदद कर सकती है।

डायरी में बजट बनाएं

इसके बाद आप फीस, रहने-खाने का खर्च, टिकट, इंश्योरेंस और सभी आर्थिक पहलुओं को एक डायरी में बजट की तरह तैयार करें। स्कॉलरशिप खोजें, बैंक लोन के तकनीकी पहलुओं को जानें और अपनी बचत पर नजर डालें। पूरी योजना इस तरीके से बनाएं, जिससे आर्थिक बोझ को संभाला जा सके।
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बच्चे को विदेश में पढ़ाई के लिए कैसे तैयार करें - फोटो : freepik.com
भरोसे के साथ कुछ सीख

विदेश भेजना बच्चे को ऊंची शिक्षा दिलाना भर नहीं है। यह वह पल है, जब मां मानती है कि बच्चा बड़ा हो गया है। ऐसे में मन में सवाल उठना लाजिमी है कि बच्चे को खाना कौन खिलाएगा, नई भाषा और संस्कृति में कैसे रहेगा, बीमार पड़ेगा, तब कैसे अपनी देखभाल करेगा?

इन सब बातों को सोचकर आपको डरना नहीं है, बल्कि बच्चे पर भरोसा करना है। बेशक नई जगह की शुरुआत मुश्किल होगी, लेकिन आपका विश्वास उसे हिम्मत देगा। आप उसे समझाएं कि “परेशान हो तो फोन करना, रोना पड़े तो रो लेना, लेकिन रुकना नहीं।” आपका यह वाक्य उसे संतुलन, मजबूती और टूटने की इजाजत देगा, जो उसकी असली ताकत बनेगा।

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बच्चा विदेश पढ़ने जाना चाहे तो क्या करें - फोटो : freepik
जीवन कौशल सिखाएं

एक मां जानती है कि विदेश जाने से पहले बच्चे को सिर्फ दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन कौशल भी चाहिए, जैसे कि कपड़े धोना, खाना बनाना, पैसे संभालना, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की समझ। आप भी उसे सिखाएं कि दाल कैसे धुलती है, सब्जी कैसे कटती है, भले बच्चा यह कहे कि उसे सब आता है। आखिर यही छोटी-छोटी बातें उसे विदेश में सही ढंग से जीवन जीने में मदद करेंगी।
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नए ढंग से जीया जाए - फोटो : Istock
नए ढंग से जीया जाए

करियर काउंसलर प्रवेन्द्र सिंह बिरला बताते हैं, बच्चों के करियर के असली एक्सपर्ट उनके माता-पिता होते हैं। इसलिए जब बच्चा विदेश जाने की इच्छा जताए तो सीधे मना करने के बजाय हर पहलू पर सोचें। अधिकतर माता-पिता आर्थिक कारणों या दूर हो जाने के डर से मना कर देते हैं, लेकिन आप ऐसा न करें। यदि आप खर्च वहन नहीं कर सकतीं तो उसे शांत मन से स्थिति समझाएं और अन्य विकल्प बताएं। अगर पूरी योजना बन चुकी है तो उसे समझाएं कि नई जगह से जुड़े, मगर परिवारिक मूल्यों को हमेशा याद रखे। मुश्किलों में बेझिझक बात करे। आप उससे कभी यह न कहें कि “वह अकेले नहीं रह सकता।” ऐसी बातें मनोबल तोड़ती हैं। बच्चे की हर संभव मदद करें, ताकि उसके सपने टूटें नहीं।
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