बच्चे को प्रोत्साहित करें, दबाव न डालें
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तुम तो किसी से घुलते मिलते ही नहीं!
हर व्यक्ति की अलग प्रकृति होती है और उसी के आधार पर वह व्यवहार करता है। हो सकता है आपके पड़ोस में रहने वाला कोई बच्चा बहुत मिलनसार या सोशल हो। वह खुद आगे होकर सबसे नमस्कार या बात कर लेता हो, सारे बच्चों के साथ खेल लेता हो, लेकिन आपके बच्चे को शांति से बैठकर किताबें पढ़ना, ड्राइंग करना या कम बातें करना पसंद हो। ऐसे में उसे बार बार यह न कहें कि बाकी बच्चे क्या कर रहे हैं। हो सकता है आप उसका उत्साह बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हों लेकिन इसका उस पर उलटा असर भी पड़ सकता है। यह तुलना बार बार किये जाने पर उसके मन में खुद के लिए हीन भावना पैदा कर सकती है। वह खुद को उपेक्षित महसूस कर सकता है, कमतर मान सकता है। यदि आप बच्चे को सबसे मिल जुलकर रहना सिखाना भी चाहते हों, तो भी धैर्य से धीरे धीरे कोशिश करें, कभी भी बार बार बोलकर या दबाव डालकर उसे मजबूर न करें।