किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें
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आत्मनिर्भरता
अपने कामों और फैसलों के लिए खुद पर भरोसा करना और दूसरों पर कम निर्भर रहना सरल जीवन जीने का सबसे आसान रास्ता है। जब बच्चा आत्मनिर्भर बनता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह मुश्किल हालात में भी सोच-समझकर सही निर्णय ले पाता है।
किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें
बाल मनोवैज्ञानिक गार्गी मालगुड़ी बताती हैं, बच्चों को किताबी ज्ञान, खेल-कूद के साथ-साथ जीवन के उन पहलुओं की भी शिक्षा देनी चाहिए, जिनसे उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो और वे सामाजिक ढांचे में ठीक से रच-बस सकें। स्कूली शिक्षा के साथ कुछ सॉफ्ट स्किल्स, जैसे खुद को समाज में भावनात्मक और विचारात्मक तौर पर व्यक्त करने का तरीका, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी, सटीक बॉडी लैंग्वेज, टोन ऑफ वॉयस, हेल्दी नेगोसिएशन, टीमवर्क, न बोलना, खुद की बात या राय को ठीक ढंग से प्रकट करना, खुद की सीमाएं निर्धारित करना और दूसरे की सीमाओं का सम्मान करना बच्चों को जरूर सिखाएं, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और उन्हें सामाजिक स्तर पर अपनी एक पहचान मिले।