दफ्तर
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सौम्य लेकिन स्पष्ट रहें
आपको न कहना आना चाहिए लेकिन सही तरीके से। हर “ना” शोर के साथ नहीं होना चाहिए, बल्कि कभी-कभी नरम, विनम्र और संतुलितना का असर ज़्यादा होता है। जैसे कोई अगर आपसे ऐसा काम करने को कहे, जो आपके लिए नहीं है तो आप का उत्तर हो सकता है, कि अभी मैं एक अतिआवश्यक कार्य कर रहा हूँ, इसे खत्म करके देखते हैं।”, “ये मेरे दायरे में नहीं आता, शायद वो (कोई अन्य)बेहतर गाइड कर पाएंगे।”, “मैं आपकी मदद करना चाहूंगी, पर इस समय मेरी डेडलाइन ड्यू है।” कहने का तरीका जितना शांत होगा, सामने वाला उतना ही समझेगा।