National Girl Child Day 2026: बेटियों की सुरक्षा किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय है। देश में महिला सुरक्षा के लिए कई तरीके के अभियान और प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि स्त्री अपराध घर से लेकर समाज के हर क्षेत्र में देखने को मिलता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और खुशहाली तय करने की पहली जिम्मेदारी परिवार की होती है। सिर्फ बेटियों की सीमाएं तय करके, या उनके लिए दीवारें खड़ी करके सुरक्षा नहीं जा सकती, इसके लिए सोच मजबूत बनाने की आवश्यकता होती है।
बेटियों की सुरक्षा कोई एक दिन का नारा नहीं, रोज़ का संस्कार है। बालिकाओं के उज्जवल भविष्य, सुरक्षित समाज और खुशहाल जीवन की जरूरत को समझते हुए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। बालिका दिवस हमें याद दिलाता है कि सशक्तिकरण की शुरुआत भाषणों से नहीं, घर की छोटी-छोटी सीख से होती है। अगर बेटियों को बचपन से सही बातें सिखा दी जाएं, तो वे केवल सुरक्षित ही नहीं, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनती हैं।