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MS Dhoni Leadership Tips: दबाव में भी कैसे शांत रहते हैं कैप्टन कूल? जानिए धोनी की सफलता के 5 बड़े मंत्र

Tue, 07 Jul 2026 01:07 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

MS Dhoni Success Formula: धोनी को कैप्टन कूल क्यों कहा जाता है?
धोनी को Captain Cool इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे सबसे कठिन परिस्थितियों और मैच के दबाव में भी शांत रहते हैं, भावनाओं पर नियंत्रण रखते हैं, भविष्य की रणनीति पर ध्यान देते हैं और टीम को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाते हैं। यही गुण उन्हें दुनिया के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों में शामिल करते हैं।
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धोनी से सीखें लीडरशिप - फोटो : Amar ujala

MS Dhoni Leadership Lessons: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी महान कप्तानों की बात होती है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्होंने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग से ही नहीं, बल्कि अपने नेतृत्व कौशल से भी करोड़ों लोगों का दिल जीता।

उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इसके अलावा 2009 में भारतीय टीम पहली बार ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बनी। यह उपलब्धियां केवल रणनीति का परिणाम नहीं थीं, बल्कि दबाव में शांत रहकर सही निर्णय लेने की उनकी क्षमता का भी प्रमाण थीं।

धोनी का क्रिकेट करियर चुनौतियों से भरा रहा। शुरुआती संघर्ष, आलोचना, हार और बड़े मुकाबलों का दबाव, हर परिस्थिति में उन्होंने संयम बनाए रखा। यही वजह है कि उन्हें कैप्टन कूल कहा जाता है।

क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि धोनी उन सबसे बेहतरीन कप्तानों में से हैं जिनके नेतृत्व में उन्होंने खेला। धोनी का मानना है कि जब व्यक्ति मानसिक रूप से दबाव को स्वीकार कर लेता है, तो बड़े से बड़ा संकट भी छोटा लगने लगता है।

उनके नेतृत्व के सिद्धांत केवल खेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नौकरी, बिजनेस, पढ़ाई और व्यक्तिगत जीवन में भी उतने ही उपयोगी हैं। आइए जानते हैं धोनी के ऐसे 5 नेतृत्व मंत्र, जो हर किसी को प्रेरित कर सकते हैं।

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एम एस धोनी - फोटो : Instagram

आलोचना के बीच भी शांत रहना सीखें 

  • धोनी के करियर में कई ऐसे मौके आए जब उनके फैसलों पर सवाल उठे।
  • कभी टीम चयन, कभी बल्लेबाजी क्रम और कभी कप्तानी की रणनीति को लेकर उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी।
  • लेकिन उन्होंने सार्वजनिक बहस में उलझने के बजाय अपने प्रदर्शन और टीम पर ध्यान केंद्रित किया।
  • एक अच्छे लीडर की पहचान यही है कि वह आलोचना से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़े।
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अश्विन और धोनी - फोटो : IPL/BCCI

हमेशा अलग सोचें 

  • धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी पहचान उनकी अनोखी रणनीतियां थीं।
  • 2011 विश्व कप फाइनल में खुद ऊपर बल्लेबाजी करने का फैसला हो या मैच के महत्वपूर्ण ओवर किसी अप्रत्याशित गेंदबाज को देना, उन्होंने कई बार ऐसे निर्णय लिए जिन्होंने मैच का रुख बदल दिया।
  • नेतृत्व का मतलब केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि सही समय पर नए विचारों के साथ आगे बढ़ना भी है।

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धोनी और सैमसन - फोटो : ANI

भावनाओं को फैसलों पर हावी न होने दें 

  • मैदान पर धोनी का शांत चेहरा उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता था।
  • जीत हो या हार, वे अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखते थे।
  • इससे टीम के खिलाड़ी भी घबराते नहीं थे और बेहतर प्रदर्शन कर पाते थे।
  • जीवन और करियर में भी कठिन परिस्थितियों में भावनाओं के बजाय तथ्यों और सोच-समझकर लिए गए फैसले लंबे समय में बेहतर परिणाम देते हैं।
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एम एस धोनी - फोटो : Instagram

हमेशा भविष्य पर नजर रखें 

  • धोनी ने भारतीय क्रिकेट में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया और उन पर भरोसा जताया।
  • उन्होंने केवल मौजूदा मैच जीतने के बजाय टीम के भविष्य को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया।
  • एक सफल लीडर वही होता है जो केवल आज नहीं, बल्कि आने वाले समय की तैयारी भी करता है।
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एम एस धोनी - फोटो : Instagram

असली जीत पहले दिमाग में होती है 

  • धोनी का मानना है कि किसी भी चुनौती को जीतने से पहले इंसान को अपने मन में जीत हासिल करनी होती है।
  • अगर आप मानसिक रूप से मजबूत हैं, तो मुश्किल परिस्थितियां भी आपको डिगा नहीं सकतीं।
  • उनका यह दृष्टिकोण खिलाड़ियों के साथ-साथ छात्रों, प्रोफेशनल्स और उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
  • आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच किसी भी बड़ी सफलता की मजबूत नींव होते हैं।
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