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महिलाओं से ज्यादा हिंसक होते हैं पुरुष, ये हैं कारण

Mon, 06 May 2019 11:12 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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आपने अधिकतर सुना होगा कि पुरुषों को ज्यादा गुस्सा आता है। साथ ही, ऐसी एक सोच भी विकसित हो गयी है कि कोई अपराध किया गया हो तो पुरुष ने किया होगा, जोश में आकर पुरुष आकर होश खो बैठते हैं और अक्सर लड़ाई-झगड़े में ज्यादा हिस्सा लेते हैं। आगे कि स्लाइड में जानें क्यों ज्यादा हिंसक होते हैं पुरुष, क्या है इसकी खास वजह। 
 
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मलेशिया कि नॉटिंघम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीव स्टेवर्ट विलियम्स के अनुसार, यह बात सभी अनुभवों से भी जानते हैं कि पुरुष महिलाओं से ज्यादा हिंसक होते हैं, गुस्सा ज्यादा होता है और रिस्क भी पुरुष ही ज्यादा लेते हैं। लेकिन ऐसा क्यों होता है यह नहीं बताया जा सकता।

 
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साइकॉलजिस्ट 'मेल अग्रेशन' (पुरुषों में गुस्सा) की वजह लंबे समय से उनके पालन-पोषण और माहौल को बताते रहे हैं। लोग कहते हैं कि अगर उन्हें अच्छी परवरिश दी जाए तो पुरुष महिलाओं से ज्यादा हिंसक नहीं होंगे। न्यू यॉर्क टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, लड़के ज्यादा झगड़े करते हैं और लड़कियों की अपेक्षा कम उम्र में मृत्यु हो जाती है लेकिन हिंसक होने की प्रवृत्ति उनमें जन्मजात नहीं होती। 

 

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प्रोफेसर स्टीव का इस रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं उनका तर्क है कि अगर परंपरा की वजह से पुरुष हिंसक होते हैं और परंपरा तो पूरी दुनिया में अलग-अलग है तो हर जगह ज्यादातर हत्यारे पुरुष ही क्यों हैं और जो लोग बुरी तरह मरते हैं वे भी पुरुष हैं। 

 
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दूसरे शोधकर्ताओं का कहना है कि, इस दुनिया में हम जो किरदार निभाते हैं उसका हमारे स्वभाव और विचार पर असर होता है। वक्त के साथ पुरुष अग्रेसिव होते गए और महिलाएं ज्यादा ध्यान रखने वाली बन गईं। ऐसा इसलिए है क्योंकि महिला और पुरुषों का सॉइकॉलॉजिकल फर्क पूरी दुनिया में एक सा है इसलिए अग्रेशन का लेवल भी एक सा है। 

 
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प्रोफेसर स्टीव के अनुसार, पुरुषों में अग्रेशन की वजह उनके हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन को भी बताते हैं क्योंकि मेल अग्रेशन किशोरावस्था में ज्यादा होता है। इसी उम्र में उनके हिंसक कामों में पड़ने की संभावना ज्यादा होती है और जब उम्र बढ़ती जाती है तो टेस्टोस्टेरॉन के घटने के साथ हिंसा वाली घटनाएं भी कम हो जाती हैं। 
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