अगर आप जिंदगी के उस मोड़ पर हैं जब आपको अपनी जिंदगी में किसी को शामिल करना चाहते हैं तो ये संभव है कि आप नीचे लिखे सवालों से जूझ रहे हों।ऑनलाइन डेटिंग आपको ज़्यादा आकर्षक दिखा सकती है? क्या अपने साथी के अनुरूप होना ठीक होता है...? क्या शादीशुदा लोग ज़्यादा खुश होते हैं? क्या सिर्फ एक साथी से जीवन भर साथ निभाने का वादा आपके लिए सबसे बेहतर है? इन सवालों के जवाब आपके लिए चौंकाने वाले हो सकते हैं। एक रिसर्च के आधार पर इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की।
मेरे टाइप का' लड़का या लड़की
डिजिटल दुनिया में ऑनलाइन डेटिंग का चलन बहुत बढ़ गया है।आज लोग इंटरनेट पर पार्टनर तलाशने पर जोर दे रहे हैं। लेकिन, लाखों लोगों के बीच खुद का अपना मिजाज आपके लिए भी डराने वाला हो सकता है पर, परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप जब भी कोई नई तस्वीर देखते हैं, तो, वो पिछली तस्वीर से बेहतर नजर आती है।यानी, खूबसूरती को लेकर हमारी सोच पैदाइशी नहीं, बल्कि वक़्ती होती है।डेटिंग ऐप पर हर पल बदलती तस्वीरों के हिसाब से हमारा खूबसूरती का पैमाना बदलता जाता है। तो, अगर आपको तमाम खूबसूरत लोगों के प्रोफाइल देखकर हीनभावना हो रही है, तो उसे दिल से निकाल दें। ये बातें वक़्ती हैं, स्थायी नहीं।अक्सर तो एक झटके में ही लोग किसी तस्वीर पर फिदा हो जाते हैं। तो, ये मौक़ा आप के लिए भी अचानक आ सकता है। हम जिन चेहरों को कम से कम देखते हैं, वो ही हमें ज़्यादा आकर्षक लगते हैं।मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि हम जिस चेहरे को सरसरी नजर से देखकर आगे बढ़ जाते हैं, कई बार उन्हें दोबारा देखने का दिल करता है।इसके पीछे का मनोविज्ञान ये है कि कहीं हम अपने संभावित साथी को मिस न कर दें।
विपरीत मिजाज का शख्स
कुछ खास आदतें होती हैं, जो दोनों साथियों में हों तो अच्छा मानी जाती हैं लेकिन, ये सोच कि आपका मिजाज आपके साथी के विपरीत हो तो ज़्यादा ठीक है, गलत है। बहुत ज़्यादा चिड़-चिड़ करने की आदत किसे पसंद आएगी भला और इसके मुकाबले अगर कोई हामी भरने में देर नहीं लगाता, तो ये आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।जो लोग ज़्यादा फिक्रमंद होते हैं, वो खुद को खारिज किए जाने के डर से परेशान रहते हैं। ऐसे लोगों को अपने मिजाज के साथी मिलें, तो उन्हें तसल्ली होती है।रात में देर तक जगने या सुबह जल्दी उठने की आदत अगर दोनों पार्टनर को हो, तो वो भी मजे की बात हो सकती है। इससे ज़्यादा वक्त साथ बिताने का मौका मिलेगा।इससे दिक़्कत भी हो सकती है। अब कोई अगर काम के प्रति कुछ ज़्यादा ही समर्पित हो और उसका साथी भी वैसा भी हो, तो बात बिगड़ सकती है। ऐसे में एक साथी अगर बेपरवाह हो तो ज़्यादा पटती है।
शादी से खुशी बढ़ती है मगर
अगर आप और आपका जीवन साथी एक मिजाज के हैं, तो आप शादी कर लेते हैं।लेकिन, इसका आपकी खुशी से कितना ताल्लुक़ है? शादियों से हमारे किरदार में स्थायी बदलाव आता है।ये बात रिसर्च से साबित हो चुकी है।जर्मन लोगों पर हुई रिसर्च में पता चला कि शादी के बाद लोगों का खुलापन और बाहर घूमना-फिरना कम हो जाता है।ये शादी-शुदा लोगों के बीच अक्सर देखा जाता है।हां, शादी के बाद लोग माफ करने में फराखदिल हो जाते हैं।खुद पर काबू करना सीख जाते हैं।लंबे वक्त तक किसी से मजबूत रिश्ता बनाए रखने के लिए ये बहुत जरूरी खूबियां हैं।शादी के बाद कुछ दिनों तक लोग संतुष्ट और खुश दिखते हैं। मगर ये भाव स्थायी नहीं होता। शादी के कुछ साल बाद ही वो फिर से उसी हालात में पहुंच जाते हैं, जहां शादी से पहले होते हैं। तो शादी से स्थायी खुशी नहीं मिलती।
साथी से अलगाव का असर
जो लोग शादी से संतुष्ट होते हैं, वो अलगाव के बाद बड़ा बदलाव दिखाते हैं। तलाक के बाद महिलाएं खुले मिजाज की हो जाती हैं।वहीं, मर्दों के लिए अलगाव से पार पाना बहुत मुश्किल होता है। वो ज़्यादा सनकी बर्ताव दिखाते हैं।तलाक के बाद मर्द हो या औरत, दोनों कम भरोसेमंद रह जाते हैं।साथी से अलगाव के बाद आप खुद को कैसे संभालते हैं, ये बात आपके मिजाज पर निर्भर करती है।जो लोग बहिर्मुखी होते हैं, वो जल्द ही दूसरी शादी कर लेते हैं लेकिन, जो सनक जाते हैं, वो तलाक के बाद कई लोगों से थोड़े-थोड़े वक्त का रिश्ता बनाते हैं। यानी स्थायी संबंध बनाने में उन्हें दिक़्कत होती है।
रोमांस भरा भविष्य
किसी एक साथी के साथ जीवन बिताना हर समाज में आदर्श माना जाता है लेकिन, नए जमाने का चलन एक ही वक्त में कई लोगों से संबंध का है। ये धोखाधड़ी नहीं है बल्कि किसी रिश्ते में शामिल लोग एक-दूसरे की रजामंदी से एक से अधिक लोगों से रिश्ता बनाकर रखते हैं।प्यार के अलावा ऐसे रिश्ते रखने वालों के बीच मजबूत दोस्ताना ताल्लुक होता है। ऐसे लोग ज़्यादा सुरक्षित सेक्स करते हैं लेकिन, आप एक साथ कई लोगों से रिश्ते में नहीं हैं, तो निराश न हों। ऐसा नहीं है कि आप कोई चीज मिस कर रहे हैं। जो लोग एक साथ कई रोमांटिक संबंध रखते हैं, वो ज़्यादा खुले मिजाज के होते हैं।वहीं, जो लोग सिर्फ एक साथी के प्रति समर्पित होते हैं, वो किसी नुकसान में नहीं होते। एक साथी के प्रति समर्पण भी आप को उतनी ही खुशी देता है।