डेटा के ढेर बन रहे मुसीबत
आज दुनिया में ये डिजिटल जमाखोरी इस कदर बढ़ गई है कि अब ये बाकायदा रिसर्च का विषय बन गयी है।हम अपने काम के दौरान या फिर निजी इस्तेमाल के दौरान तमाम ऐसे डेटा को जमा करते जा रहे हैं, जिनकी शायद हमें कभी जरूरत ही न पड़े पर, इस डिजिटल जमाखोरी के नतीजे खतरनाक हो सकते हैं।ये डिजिटल जमाखोरी हमें तनाव देती है।इससे घिरे हुए कई बार हम धुनते हैं।
हो सकता है कि दफ़्तर के ई-मेल में हजारों मेल देखकर आपका दिल अपने बाल नोचने का करता हो।हर रोज आप इस ढेर को साफ करने की सोच कर काम शुरू करते हैं, फिर मेल का जखीरा देख कर आप इसे अगली बार पर टाल देते हों। ये ई-मेल और दूसरे डिजिटल डेटा का ढेर आपके लिए मुसीबत बनता जा रहा है।