सरकार प्रोत्साहन की नीतियों पर काम भी कर रही है।
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हलाइकबेवा रसोई में खाना बना रही हैं। उनका सबसे छोटा बेटा वहीं मां को पकड़कर खड़ा है। वह कहती हैं, "मुझे हर महीने 1 लाख 44 हजार टेंगे (370 अमरीकी डॉलर या 26,270 रुपये) मिलते हैं। यह पर्याप्त है।
"मैं इतने पैसे में गुजारा करने की कोशिश करती हूं लेकिन मैं काम भी करती हूं, जिससे सब मिलाकर हमारे लिए कोई कमी न हो। मुझे किसी चीज़ की शिकायत नहीं है।
"रौशन कोजोमकुलोवा भी अपनी स्थिति से संतुष्ट हैं। वह कहती हैं, "यह वैसा नहीं है जैसा पहले हुआ करता था। "पहले हमारा मासिक भत्ता कम था। अब मैं कोई शिकायत नहीं कर रही हूं। सब कुछ बहुत अच्छा है।