फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यदि टीनएजर बच्चा हो जाए किसी लत का शिकार तो इस तरह करें समस्या का समाधान

Wed, 13 Jan 2021 06:40 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
अभिभावकों को गहरा धक्का लग सकता है - फोटो : pixabay

अचानक यदि किसी को पता लगे कि उनका टीनएजर बच्चा किसी प्रकार की लत का शिकार है, यह बात जानने पर अभिभावकों को गहरा धक्का लग सकता है। इस बात को समझिए कि ऐसे समय में केवल चिंता करने से काम नहीं चलने वाला, बल्कि आपको अपने बच्चे को इस दलदल से निकालने की कोशिश करनी होगी। आपको इसे न केवल एक ख़राब आदत, बल्कि एक बीमारी के रूप में लेना होगा। अगली स्लाइड्स के माध्यम से हम यहां कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं जो इस स्थिति से उबरने में आपकी मदद करेंगे। 

 

 

 

 






 
विज्ञापन

2 of 5
यह काम एक्स्पर्ट पर छोड़ दें - फोटो : pixabay

सवाल-जवाब करना
जब आपको सच्चाई पता चल ही गई है तो बतौर अभिभावक ऐसा बिल्कुल न करें। कई अध्ययन बताते हैं कि गुस्से में की गई बातचीत आपके बच्चे को एडिक्शन की दुनिया में और भी गहरे धकेल देगी। यह काम एक्स्पर्ट पर छोड़ दें क्योंकि यदि स्वयं से आप यह काम करने जाएंगे तो उन्हें  लगेगा कि आप भी उन्हें नहीं समझते हैं और अब वे कोई इतने छोटे नहीं हैं कि बात-बात पर उनसे सवाल- जवाब किया जाता है। 
 

 

 

 

विज्ञापन

3 of 5
इसमें कोई बुराई भी नहीं है - फोटो : Pixabay

काउंसलिंग
इस बात को समझिए कि बच्चे के लिए समय रहते काउंसलिंग कितनी जरूरी है। इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना है। प्रोफ़ेशनल मदद लेना सबसे ज़रूरी क़दम है और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। इस समस्या से निपटने का हल ढूंढ़ने के लिए एडिक्शन स्पेशलिस्ट या साइकियाट्रिस्ट से सलाह लें। जितना हो सके उतना एडिक्शन के बारे में पढ़ें और जानें कि यह किस वजह से होता है और कैसे इससे निकला जा सकता है।

4 of 5
बच्चे के साथ घुलने-मिलने की पूरी कोशिश करें - फोटो : Pixabay

संवाद करें
अपने बच्चे की बातें अच्छी तरह सुनें। अक्सर लत की वजह पियर प्रेशर (यह संभवतः शुरुआत करने की वजह हो सकती है) के बजाय आपका बच्चा किस तरह अपने आंतरिक स्थितियों से जूझता है, पर निर्भर करती है। ख़ुद को जांच कर पता करें कि कहीं आप बहुत ज़्यादा नियंत्रण रखनेवाले अभिभावक तो नहीं। यदि ऐसा है तो अपने टीनएजर बच्चे के साथ घुलने-मिलने की पूरी कोशिश करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं - फोटो : social media

स्थिति संभालने का उपाय खोजें
बच्चों का पालन-पोषण करना, उन्हें सक्षम बनाना और उनकी रक्षा करना अभिभावकों की आम प्रवृत्ति होती है, लेकिन यदि आप अपने बच्चे के बचाव में हर बार खड़े रहेंगे तो वह ज़िंदगी के मुश्क़िल पाठ नहीं पढ़ पाएगा। इसके अलावा ट्रीटमेंट के बाद भी वापस लत की ओर लौटना बहुत आम है इसलिए ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं। डॉक्टर से बात कर पता करें कि इस स्थिति को कैसे संभाला जा सकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें