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पार्टनर से होता है झगड़ा, तो हो जाइए सावधान, बढ़ जाएंगे इस बीमारी के आसार

Fri, 05 May 2017 03:38 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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पार्टनर से झगड़ा
हम अक्सर सुनते है कि पति-पत्नी के झगड़ो का असर उनके रिश्तों में तनाव भर देता हैं। साथ ही इसका बुरा असर घर में रहने वाले बच्चों पर भी पड़ता है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार जिस घर में पति-पत्नी अक्सर झगड़ते रहते हैं। ऐसे लोगों को डिमेंशिया जैसी बीमारी का खतरा बना रहता है।

जबकि घर का खुशनुमा माहौल और अपने बच्चों के साथ अच्छे संबंध रखने वाले पैरेंट्स में डिमेंशिया की आशंका कम हो जाती है। 
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पार्टनर से झगड़ा
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के शोधकर्ताओं ने 10 सालों के आंकड़ो को इकठ्टा किया। जिसमें उन्होंने 50 साल से ज्यादा उम्र के 10 हजार लोगों पर अध्ययन किया है। उन्होंने पाया कि परिवारिक जीवन का 'डिमेंशिया' मतलब स्मृतिदोष जैसी बीमारी पर काफी असर पड़ता है। इस बीमारी में लोग जरूरी चीजें तक भूल जाते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे कि उन्होंने अभी नाश्ता किया है या नहीं।   
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पार्टनर से झगड़ा
डॉक्टरों ने माना कि जिन लोगों के अपने साथी या बच्चों के साथ अच्छे संबंध होते हैं उन लोगों में डिमेंशिया का खतरा 17 फीसदी तक कम हो जाता हैं।  

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पार्टनर से झगड़ा
वहीं जिन लोगों के संबंध अपने परिवार या रिश्तेदारों के साथ चिंताजनक रहते हैं उन्हें वृद्धावस्था में ये बीमारी होने की 31 फीसदी उम्मींद बढ़ जाती हैं। 
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पार्टनर से झगड़ा
डिमेंशिया  किसी विशेष बीमारी का नाम नहीं, बल्कि ये लक्षणों के समूह का नाम है। इसका सीधा संबंध मस्तिष्क की हानि से होता है। डिमेंशिया से ग्रस्त व्यक्ति अपने दैनिक कार्य ठीक से नहीं कर पाता। ऐसे व्यक्तियों की याददाश्त कमजोर हो जाती है। साथ ही उन्हें रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत मदसूस होती है। 
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