सोशल मीडिया के दौर में बच्चों पर नजर रखना बेहद मुश्किल हो गया है। बच्चों की परवरिश और उनके सोशल मीडिया बिहेवियर को लेकर अक्सर घरों में मां-बाप चिंतित रहते हैं। वे बच्चों से यह कहने में भी उलझन महसूस करते हैं कि सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रियता खतरनाक होती है। खासकर चैटिंग और मैसेजिंग, वो भी 'सेक्सटिंग'। अगर आपको अपने बच्चों को बिगड़ने से बचाना है तो उन्हें 'सेक्सटिंग' से रोकना होगा और इसे लेकर उनसे खुलकर बातचीत करनी होगी। दरअसल, सेक्सटिंग का मतलब होता है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक मैसेंजर, व्हॉट्सएप और दूसरे चैटिंग साइट्स पर एक-दूसरे से अश्लील बातें करना और अश्लील फोटोग्राफ और वीडियोज भेजना।