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कहीं आपके बच्चे 'सेक्सटिंग' की चपेट में तो नहीं, ऐसे समझाएं और बिगड़ने से बचाएं

Wed, 28 Aug 2019 05:12 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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स्मार्टफोन - फोटो : pixabay
सोशल मीडिया के दौर में बच्चों पर नजर रखना बेहद मुश्किल हो गया है। बच्चों की परवरिश और उनके सोशल मीडिया बिहेवियर को लेकर अक्सर घरों में मां-बाप चिंतित रहते हैं। वे बच्चों से यह कहने में भी उलझन महसूस करते हैं कि सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रियता खतरनाक होती है। खासकर चैटिंग और मैसेजिंग, वो भी 'सेक्सटिंग'। अगर आपको अपने बच्चों को बिगड़ने से बचाना है तो उन्हें 'सेक्सटिंग' से रोकना होगा और इसे लेकर उनसे खुलकर बातचीत करनी होगी। दरअसल, सेक्सटिंग का मतलब होता है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक मैसेंजर, व्हॉट्सएप और दूसरे चैटिंग साइट्स पर एक-दूसरे से अश्लील बातें करना और अश्लील फोटोग्राफ और वीडियोज भेजना।
 
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whatsapp
विभिन्न अध्ययनों से पता चलता है कि दुनियाभर में बच्चे इस वक्त तेजी से सेक्सटिंग की चपेट में आ रहे हैं। जो कि बच्चों के सेक्शुअल बिहेवियर से जुड़ी हुई चीज है और इसे लेकर अभिभावक चिंता में हैं। सेक्सटिंग से बच्चों की परवरिश और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा रहा है। इसके अलावा इससे बच्चे अपराध की दुनिया में भी कदम रखने से गुरेज नहीं करते हैं। अगर आपके बच्चे भी देर रात तक चैटिंग पर लगे रहते हैं या फिर आपको उन्हें व्यवहार में बदलाव नजर आ रहा है, या फिर आपको लग रहा है कि आपके बच्चे व्हॉट्सएप, फेसबुक और दूसरे चैटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सेक्सटिंग के शिकार हो रहे हैं तो उन्हें प्यार से समझाएं और उनके साथ इसे नकारात्मक पहलू पर खुलकर बातचीत करें।
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फोन
आप अपने बच्चों से रिलेशनशिप और सेक्स को लेकर खुलकर बातचीत करें। आप उन्हें इसे लेकर शिक्षित करें और इसमें बिल्कुल भी न शर्माएं। बच्चों के स्त्री और पुरुष के शारीरिक संरचना के बारे में बताएं। बेटी हो या फिर बेटा दोनों से सेक्सटिंग को लेकर खुलकर बातचीत करें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अगर कोई दूसरा व्यक्ति आपके बच्चों को सेक्सटिंग के लिए उकसा रहा है तो उनसे इस बारे में पूछे और डांटने और मारने की जगह उन्हें प्यार से समझाएं।
 
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स्मार्टफोन चलाते बच्चे - फोटो : pixabay
बच्चों को बताएं कि सोशल मीडिया की दुनिया में प्राइवेसी किस तरह से तांक पर रखी जा रही है। फेसबुक मैसेंजर और व्हॉट्सएप में जो भी चीजें वो भेज रहे हैं उसमें उनकी निजता दांव पर है। कुछ भी चीज नहीं नहीं रहती है। बच्चों को बताएं कि अगर उनके द्वारा भेजी गई कोई भी चीज, फोटो और वीडियो किसी के हाथ लग गया तो वह किस तरह से इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। आप अपने बच्चों से जितना मित्रवत व्यवहार रखेंगे आपको उन्हें समझाने में उतनी ही आसानी होगी। बच्चों को सेक्सटिंग चुटकुलों के बारे में भी बताएं क्योंकि ज्यादातर बच्चे इस तरह के चुटकुलों को ही ज्यादा अपने दोस्तों को भेजते हैं।
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