रिलेशनशिप
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इसको एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए, नेहा और रोहन की शादी को पांच साल हो गए। शुरू में सब ठीक था, लेकिन पिछले कुछ समय से नेहा को लगने लगा कि रोहन उसकी हर बात को नकार देते हैं। एक दिन नेहा ने रोहन से कहा, 'तुमने कल मुझसे वादा किया था कि हम बाहर खाना खाने जाएंगे, लेकिन तुम ऑफिस से देर से आए और कुछ बोले भी नहीं।' रोहन ने जवाब दिया, 'मैंने ऐसा कोई वादा नहीं किया, तुम्हें गलतफहमी हुई होगी। तुम हमेशा ऐसी बातें बनाती हो।' नेहा को याद था कि बात हुई थी, लेकिन रोहन के बार-बार कहने पर उसे खुद पर शक होने लगा। धीरे-धीरे रोहन का ये व्यवहार बढ़ता गया। वो नेहा को छोटी-छोटी बातों पर गलत साबित करते, जैसे 'तुमने ये सामान गलत जगह रखा, पर तुम कहोगी कि मैंने ही रखा था।' नेहा का आत्मविश्वास डगमगाने लगा। वो उदास रहने लगी और रोहन से बहस करने से बचने लगी। नतीजा? उनका रिश्ता एकतरफा हो गया, जहां नेहा की आवाज दब गई।